हमारे बारे में

AFP ने 2017 में फ़्रांस में अपनी डिजिटल वेरिफ़िकेशन सेवा शुरू की थी और आज अमेरिका से लेकर म्यांमार तक कई देशों में मौजूद पत्रकारों के साथ विश्व के सबसे बड़े फ़ैक्ट-चेक संगठनों में से एक बन चुका है. हमारे पत्रकार अम्हारिक से हिंदी, पुर्तगाली और अनेकों स्थानीय भाषाओं में ऑनलाइन कॉन्टेंट की मॉनिटरिंग करते हैं. वे स्थानीय संस्कृतियों, भाषाओं और राजनीति को ध्यान में रखते हुए दुनियाभर में AFP के ब्यूरो के साथ मिलकर ग़लत ख़बरों और अफ़वाहों की सच्चाई सामने लाते हैं.

हमारी अंग्रेज़ी भाषा की टीम  हांगकांग, सिडनी, वॉशिंगटन, पेरिस और जोहान्सबर्ग में क्षेत्रीय संपादकों के साथ दुनियाभर में फैली हुई है.

सोफ़ी निकोलसन, उप मुख्य संपादक, पेरिस

सोफ़ी निकोलसन वैश्विक टीम की देख-रेख करती हैं तथा तकनीकी कंपनियों, मीडिया संगठनों, शोधकर्ताओं और तथ्य जांचकर्ताओं के साथ मिलकर काम करती हैं. सोफ़ी पहले मेक्सिको सिटी में एक विदेशी संवाददाता के रूप में कार्यरत थीं और उन्होंने 15 से अधिक देशों से रिपोर्टिंग की है. उन्होंने अपने काम की शुरुआत BBC लंदन रेडियो और टीवी से की थी.

रेचल ब्लंडी, डिजिटल जांच की प्रमुख संपादक (एशिया-प्रशांत और हांगकांग)

राहेल ब्लंडी हांगकांग से एशिया-प्रशांत डिजिटल सत्यापन टीम का नेतृत्व करती है. वे मार्च 2019 में डिजिटल सत्यापन संपादक के रूप में AFP में शामिल हुईं. सोशल मीडिया इंटेलिजेंस एजेंसी स्टोरीफ़ुल के लिए काम करने के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स द्वारा बनाए गए कंटेंट (UGC) को सत्यापित करने में उनकी विशेषज्ञता है. रेचल मूल रूप से लंदन से हैं और उन्होंने 2015 के अंत में हांगकांग जाने से पहले ब्रिटेन में समाचार पत्रों में रिपोर्टिंग की थी. इसके अलावा डिजिटल प्रोडक्शन भूमिकाओं में भी पांच साल से अधिक समय तक काम कर चुकीं हैं.

शार्लट मेसन, डिजिटल जांच की उप-प्रमुख संपादक (एशिया-प्रशांत और हांगकांग)

शार्लेट मेसन हांगकांग से एशिया-प्रशांत टीम का नेतृत्व करने में मदद करती हैं. अफ्रीका, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में ग़लत सूचनाओं को कवर करने से पहले, वो 2018 में पेरिस में एक रिपोर्टर और संपादक के रूप में AFP में शामिल हुईं. वो पहले द इंडिपेंडेंट, द लोकल फ़्रांस और ले पेरिसियन के लिए लिख चुकीं हैं.

सोफिया जू, डिजिटल प्रशिक्षण प्रबंधक, एशिया-प्रशांत एवं हांगकांग

सोफिया जू एशिया-प्रशांत में AFP के डिजिटल पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व करती हैं. वे 2020 में डिजिटल सत्यापन संपादक के रूप में AFP में शामिल हुईं थी. सोशल मीडिया इंटेलिजेंस एजेंसी स्टोरीफुल के लिए काम करने के बाद उन्हें डिजिटल रिपोर्टिंग और उपयोगकर्ता-जनित सामग्री (UGC) की पुष्टि करने में विशेषज्ञता हासिल है. उन्होंने एशिया भर में मीडिया सम्मेलनों और विश्वविद्यालयों में डिजिटल पत्रकारिता में सैकड़ों पत्रकारों और छात्रों को प्रशिक्षित किया है, और Google समाचार पहल के लिए कार्यशालाओं का नेतृत्व किया है. उन्होंने फर्स्ट ड्राफ्ट न्यूज और ग्लोबल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क के लिए भी लिखा है.

सोमा बासु, फ़ैक्ट-चेक संपादक, भारत

सोमा बासु भारत में AFP फ़ैक्ट-चेक की अंग्रेज़ी और हिंदी रिपोर्ट्स का संपादन करती हैं. AFP में शामिल होने से पहले सोमा ने भारत के कई मीडिया संगठनों में 15 से अधिक वर्षों तक काम किया है. उन्हें 2017 ने अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता के लिए कर्ट शॉर्क मेमोरियल अवॉर्ड और 2015 में क्लाइमेट चेंज कवर करने के लिए यूनाइटेड नेशंस करेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन ग्लोबल प्राइज़ से नवाज़ा जा चुका है. वो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के रॉयटर्स इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म (RISJ) की फ़ेलो भी रह चुकी हैं. 

उज़ैर रिज़वी, फ़ैक्ट-चेक रिपोर्टर, भारत

उज़ैर रिज़वी AFP के दिल्ली ब्यूरो में स्थित फ़ैक्ट-चेक रिपोर्टर हैं. वह भारत में सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन पर प्रसारित होने वाली ग़लत सूचनाओं के बारे में जांच-पड़ताल करते हैं. 2018 में AFP में शामिल होने से पहले उन्होंने दिल्ली में द हिंदुस्तान टाइम्स के लिए एक मल्टीमीडिया पत्रकार के रूप में काम किया किया है. उज़ैर थॉमसन रॉयटर्स फ़ाउंडेशन के फ़ेलो के रूप में बच्चों की ग़ुलामी और मानव तस्करी पर रिपोर्टिंग कर चुकें हैं.

अनुराधा प्रसाद, फ़ैक्ट-चेक रिपोर्टर, भारत

अनुराधा प्रसाद AFP के दिल्ली ब्यूरो में भारत में फ़ैल रही ग़लत ख़बरों की पड़ताल करती हैं. वो हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखती हैं. AFP से पहले उन्होंने एक भारतीय फ़ैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ में काम किया है. अनुराधा भ्रामक सूचनाओं और हेट स्पीच को कवर करती आयी हैं.