कांग्रेस बैठक के बैनर पर 'चोर ग्रुप मीटिंग' फोटोशॉप कर तस्वीर वायरल

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कई फ़ेसबुक यूज़र्स ने विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों की तस्वीर शेयर की जिसमें उनके पीछे एक बैनर लगा हुआ है और उसपर अंग्रेज़ी में 'कांग्रेस चोर ग्रुप' मीटिंग लिखा हुआ है. लेकिन यह फ़र्ज़ी तस्वीर है: असल तस्वीर 2019 की है और उसपर ये शब्द नहीं लिखे हैं.

यह तस्वीर 23 अगस्त, 2021, को फ़ेसबुक पर यहां शेयर की गयी. शेयर करने वाले अकाउंट के चार लाख से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं. इस पोस्ट पर 2,000 से ज़्यादा रिएक्शन हैं.

तस्वीर में कांग्रेस पार्टी के सदस्यों की बैठक दिख रही है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी हैं. उनके पीछे बैनर लगा है जिसपर लिखा हुआ है, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, चोर ग्रुप मीटिंग (Indian National Congress. Chor Group meeting)."

यूज़र ने इसके साथ कैप्शन लिखा, "अब चमचों ये मत कहना की ये भी एडिटिंग किया हुआ हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस चोर ग्रुप मीटिंग."

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

हालांकि यह पोस्ट मज़ाकिया तौर से शेयर किया गया लेकिन बाद में कई लोगों के कॉमेंट से पता चलता है कि उन्हें यह सच मालूम पड़ा.

नीचे ऐसे ही कॉमेंट्स का स्क्रीनशॉट है जिसमें लोह कह रहे हैं की सच्चाई बाहर आ गयी.

कमेंट का स्क्रीनशॉट

कई फ़ेसबुक यूज़र्स ने भी यह तस्वीर यहां, यहां और यहां शेयर की.

लेकिन यह तस्वीर एडिट की हुई है. तस्वीर में दूसरी लाइन, "चोर ग्रुप मीटिंग", फोटोशॉप द्वारा जोड़ी गयी है.

टिनआय पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर मालूम पड़ता है कि ये तस्वीर 2019 में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक के दौरान ली गयी थी.

इसे जी न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में प्रकाशित किया था. असल तस्वीर में बैनर पर लिखा है, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress)." इसमें "चोर ग्रुप मीटिंग" कहीं नहीं लिखा है." 

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट में छपी असल तस्वीर का स्क्रीनशॉट

  

न्यूज़ वेबसाइट मातृभूमि ने भी एक रिपोर्ट में इस मौके की मिलती-जुलती तस्वीर छापी थी. इस तस्वीर के साथ कैप्शन है, "नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमिटी बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और अन्य नेताओं के साथ." फ़ोटो:पीटीआई।"

मातृभूमि द्वारा छापी गयी तस्वीर प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) पीटीआई के आर्काइव पर भी मौजूद है.

नीचे एडिट की हुई तस्वीर (बाएं) और ज़ी न्यूज़ द्वारा छापी गयी तस्वीर (दाएं) की तुलना देख सकते हैं:

भ्रामक और ओरिजिनल तस्वीर की तुलना