ये वायरल वीडियो 2019 में एक पाकिस्तानी मौलवी के जनाज़े की हैं

कॉपीराइट AFP 2017-2022. सर्वाधिकार सुरक्षित.
   

एक वीडियो को कई फ़ेसबुक पोस्ट में सैकड़ों बार देखा गया है, जिसमें दावा किया गया है कि यह सितंबर 2021 में उत्तर प्रदेश में किसानों की एक बड़ी ग्राम पंचायत की बैठक को दिखाता है. ये दावा ग़लत है: वायरल क्लिप 2019 की है जिसमे पाकिस्तान के एक मौलवी के जनाज़े को दिखाया गया है.

वीडियो को 6 सितंबर, 2021 को यहां एक फ़ेसबुक पोस्ट में शेयर किया गया था.

पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा गया "मुज़फ्फ़रनगर में किसानों की ग्राम पंचायत की बैठक."

मुज़फ़्फ़रनगर में 5 सितंबर, 2021 को भारतीय किसानों की एक विशाल बैठक आयोजित की गई थी. 

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट ( Uzair RIZVI)

यहां और यहां फ़ेसबुक पर इसी तरह के दावे के साथ इस वीडियो को सैकड़ों बार देखा जा चुका है.

हालांकि, दावा भ्रामक है.

वीडियो का रिवर्स इमेज सर्च करने पर 21 नवंबर, 2020 को पाकिस्तान न्यूज 24 एचडी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर यहां प्रकाशित एक लंबा वीडियो मिला.

वीडियो की हेडलाइन है, "खादिम रिज़वी के जनाज़े पर दुनिया भर से 2 लाख से अधिक सहभागी.”

खादिम रिज़वी एक पाकिस्तानी मौलवी थे जिनकी नवंबर 2020 में मृत्यु हो गई थी.

स्थानीय मीडिया ने बताया कि लाहौर में उनके जनाज़े के लिए भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी. इस कार्यक्रम को पाकिस्तानी अख़बार डॉन और एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने भी कवर किया था.

नीचे भ्रामक पोस्ट (बाएं) और News 24 के यूट्यूब वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट की एक तुलना दी गई है:

( Uzair RIZVI)

नीचे लाहौर में स्थित एक टावर का स्क्रीनशॉट है जो भ्रामक पोस्ट वीडियो (बाएं) और यूट्यूब वीडियो (दाएं) दोनों में दिखाई दे रहाहै:

( Uzair RIZVI)

टावर को मीनार-ए-पाकिस्तान के रूप में जाना जाता है, जो लाहौर में एक राष्ट्रीय स्मारक है.