यह तस्वीर योगी आदित्यनाथ को 2019 में दिवाली समारोह में एक बच्चे को बधाई देते हुए दिखाती है

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फ़ेसबुक और ट्विटर पोस्ट में भारतीय राजनीतिज्ञ योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर शेयर की गयी है, इस दावे के साथ कि उन्होंने एक अनाथ बच्चे को सहारा देने का वादा किया है. यह दावा ग़लत है; फ़ोटो में आदित्यनाथ 2019 में दिवाली समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश में स्थानीय बच्चों को संबोधित कर रहे हैं.

ये फ़ोटो ट्विटर पर 6 जुलाई, 2021 को शेयर की गयी थी, जहां इसे 11,000 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं.

इसमें हिंदू योगी और उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक छोटे बच्चे के साथ दिखाया गया है.

ट्वीट में अंग्रेज़ी में लिखा है: "कल काशी यात्रा में योगी ने एक बच्चे को रोते देखा. वह बच्चे के पास गए और उन्होंने कारण पूछा. बच्चे ने कहा कि मेरे माता-पिता की मृत्यु हो गई है. मैं अपने मामा के साथ रह रहा था, पर  कल उनकी  भी मृत्यु हो गयी. योगी ने कहा, बेटा आज से मैं तुम्हारा मामा हूं. उन्होंने डीएम को बच्चे के खाने और पढ़ाई का ध्यान रखने का आदेश दिया.”

जुलाई 7, 2021 में लिया गया ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इस फ़ोटो और दावे को फ़ेसबुक पर कई अकाउंट्स द्वारा भी शेयर किया गया था, उदाहरण के लिए यहाँ, यहाँ, यहाँ और यहाँ

झूठा दावा करते सोशल मीडिया पोस्ट्स का स्क्रीनशॉट ( AFP / )

हालांकि, दावा गलत है.

टिन-आई पर रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि यह तस्वीर अक्टूबर, 2019 में समाचार वेबसाइट हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट में यहां प्रकाशित हुई थी.

यह तस्वीर तब ली गई थी जब आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के वनटांगिया गांव के वनवासियों के साथ दिवाली का त्योहार मानाने के लिए गए थे. भारतीय मीडिया टाइम् ऑफ़ इंडिया और आज तक ने रिपोर्ट किया है की आदित्यनाथ 2007 से इन ग्रामीणों के साथ दिवाली मना रहे हैं. 

नीचे 2021 के भ्रामक फ़ेसबुक और ट्विटर पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर और 2019 में हिंदुस्तान की वेबसाइट पर प्रकाशित तस्वीर के बीच तुलना है.

भ्रामक पोस्ट (बाएं) और हिंदुस्तान की वेबसाइट (दाएं) में तस्वीर की तुलना करने वाला स्क्रीनशॉट

समाचारपत्रों ने इस बच्चे के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है.

दीपावली समारोह में वनटांगिया बच्चों को बधाई देते हुए आदित्यनाथ की इसी तरह की तस्वीरें स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित की गईं, जिसमें दैनिक भास्कर अख़बार की यह तस्वीर भी शामिल है.

दैनिक भास्कर की वेबसाइट से जुलाई 8, 2021 को ली गई तस्वीर का स्क्रीनशॉट

यह तस्वीर 2020 में भी इसी तरह की भ्रामक कहानी के साथ वायरल हुई थी और समाचार आउटलेट द लॉजिकल इंडियन द्वारा यहां फैक्ट-चेक की गई थी.