ये वीडियो भारत नहीं ब्राज़ील में एक युवक की गिरफ़्तारी का है

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फ़ेसबुक पर एक वीडियो हज़ारों बार देखा जा चुका है जिसमें पुलिस किसी शख़्स को जबरन गिरफ़्तार कर रही है. दावा है कि ये वीडियो श्रीनगर का है जहां एक 'आतंकवादी' को गिरफ़्तार किया जा रहा है. ये दावा ग़लत है: ये वीडियो असल में ब्राज़ील के पराना में एक 17 वर्षीय युवा को गिरफ़्तार किये जाने का है. स्थानीय मीडिया आउटलेट ने रिपोर्ट किया था कि युवक पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के तहत कई मामले दर्ज किये गए थे लेकिन आतंक से जुड़े होने की कोई बात नहीं की गयी है.

14 अगस्त की एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, "श्रीनगर में आतंकियों को फिल्मी अंदाज में पकड़े सेना के जवान, देखिये लाइव तस्वीर...भारतमाता के वीरो की जय हो." ये वीडियो 12,000 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है.

वीडियो में पुलिस एक मोटरसाइकिल चालक का पीछा करती नज़र आ रही है. इसके बाद मोटरसाइकिल टक्कर खाती है और पुलिसवाला दौड़कर युवक को ज़मीन पर दबा देता है.

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

यही वीडियो, इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और यहां; और ट्विटर पर यहां , यहां और यहां शेयर किया गया.

लेकिन ये दावा ग़लत है.

InVid-WeVerify टूल पर वीडियो की की-फ्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये ब्राज़ील के एक न्यूज़ आउटलेट की रिपोर्ट में मिला. 1 अगस्त को छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्राज़ील के दक्षिणी राज्य पराना के पेरोला में पुलिस ने एक नाबालिग को गिरफ़्तार किया गया था.

ब्राज़ीलियाई साइट G1 ने बताया कि पुलिस ने 17 वर्षीय लड़के को भागने से पहले "कोई संदिग्ध गतिविधि" करने से रोकने के लिए गिरफ़्तार किया.

स्थानीय पुलिस ने AFP को बताया कि हिरासत में लेने से पहले युवक ने "सड़क के उल्टी तरफ़ कई लेन में ड्राइविंग की" और "पुलिस की गाड़ी के बम्पर को भी टक्कर मारा".

नीचे भ्रामक पोस्ट (बाएं) और ब्राज़ील में गिरफ्तार 17 वर्षीय युवक के बारे में छपी रिपोर्ट में लगे वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना देखी जा सकती है:

भ्रामक पोस्ट (बाएं)और G1 न्यूज़ रिपोर्ट (दाएं) की तुलना

AFP को किसी प्रतिष्ठित न्यूज़ मीडिया की ऐसी रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें श्रीनगर में हाल में आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार हुए किसी शख़्स के बारे में बताया गया हो.