बस में महिला से छेड़खानी पर थप्पड़ पड़ने की घटना पाकिस्तान की है

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक महिला एक पुरुष को बस में छेड़खानी के विरोध में थप्पड़ मारती नज़र आ रही है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि वो भारत का है. ये दावा झूठा है: तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियो दो साल पुराना है और पाकिस्तान का है.

वीडियो को यहां ट्विटर पर 9 अक्टूबर, 2021 को शेयर किया गया था जहां इसे 4,000 से अधिक बार देखा जा चुका है. 

वीडियो फुटेज में एक महिला बस में अपनी सीट के पीछे एक व्यक्ति को ज़ोर ज़ोर से डाँटती हुई दिख रही है. महिला ये कहते हुए सुनाई देती है कि वह व्यक्ति उनके साथ छेड़खानी कर रहा था और उसे थप्पड़ मारती हैं. 

महिला वीडियो में लगातार कह रही है, "वह लगातार मेरी पीठ को छू रहा है," और उस आदमी को बस से उतार देने के लिए कहती है. 

भ्रामक पोस्ट को शेयर कर इसका कैप्शन लिखा है: “इन हाजी मियां ने अगली सीट पर बैठी महिला से छेड़'खानी की! लेकिन नासमझ महिला ने उल्टे इनकी ठुकाई कर दी. देश में असहिष्णुता बढ़ती ही जा रही है! क्या अब इस देश का अल्प'संख्यक मुसलमान छेड़खानी भी नहीं कर सकता!... मोदी जी इस्तीफा दो."

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

  

हिंदी में लिखा कैप्शन देश में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ रही ज्यादतियों की आलोचना पर तंज कसता है और व्यंग्यात्मक रूप में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करता है.

वायरल वीडियो यहां, यहां और यहां फ़ेसबुक पर, और यहां और यहां ट्विटर पर शेयर हुआ है.

ये वायरल दावा भ्रामक है.

गूगल पर कीवर्ड सर्च करने पर पाकिस्तानी दैनिक समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून द्वारा 26 सितंबर, 2019 को प्रकाशित एक लेख मिला, जिसका शीर्षक था: “इस्लामाबाद जाने वाली बस में छेड़खानी का विरोध करने वाली महिला का वीडियो वायरल.”

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित रिपोर्ट और उसके साथ दी गयी वीडियो का स्क्रीनशॉट

रिपोर्ट में दिखाया गया वीडियो क्लिप वही फुटेज है जिसका इस्तेमाल भारत में हुई घटना का दावा करने वाले भ्रामक पोस्ट में किया गया है.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे वीडियो में महिला का, पाकिस्तान के मुल्तान से राजधानी इस्लामाबाद जाने वाली बस में यौन उत्पीड़न किया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो को सबसे पहले एक फ़ेसबुक यूजर ने पब्लिश किया था. 

भ्रामक पोस्ट (बायें) में इस्तेमाल किए गए वीडियो से लिये स्क्रीनशॉट और AFP द्वारा ली गयी द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में प्रकाशित फ़ोटो के एक स्क्रीनशॉट की तुलना नीचे दी गई है:

तुलना के लिए भ्रामक पोस्ट और द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के लेख का साथ ली गयी वीडियो का स्क्रीनशॉट

इस घटना को यहां पाकिस्तान के अखबार डॉन ने और यहां पाकिस्तान टुडे ने भी 27 सितंबर, 2019 को रिपोर्ट किया था.

पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट में लिखा गया है कि जिस महिला ने सबसे पहले फ़ेसबुक पर फ़ुटेज को पोस्ट किया, वह हमले की पीड़िता महिला की सहेली ज़हरा नैन है. AFP की खोज में ऐसे नाम के किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट का कोई सुराग नहीं मिला. 

महिलाओं के मुद्दे पर मुखर रहने वाले एक पेज ‘गर्ल्स PK’ ने भी 26 सितंबर, 2019, को ट्विटर पर ये वीडियो शेयर किया था.

AFP ने यह भी पाया कि वीडियो सितंबर 2019 में कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया पेजों पर पोस्ट हुआ.