सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर द्वारा बनाया गया प्रैंक वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल

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एक वीडियो को फ़ेसबुक और ट्विटर पर अब तक हज़ारों बार देखा जा चुका है जिसमे कुछ कम उम्र की लड़कियां किसी सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम शराब पी रहीं है. पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में शराब विक्रय के नए नियमों के बाद शहर 'लिकर कैपिटल' बन गया है. ये कोई सत्य घटना नहीं: ये एक प्रैंक वीडियो है जिसे एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने बनाया था. 

वीडियो को यहां 7 दिसंबर को ट्विटर पर शेयर किया गया था.

17 दिसंबर, 2021 को लिया गया भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

पोस्ट किये जाने के बाद से ही इसे अब तक 42 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. वीडियो में दो लड़कियां दिख रही हैं जो पब्लिक प्लेस में शराब पीती हुई नज़र आ रही हैं. 

वीडियो में एक व्यक्ति उन लड़कियों को शराब पीने से मना करता है तो उनमें से एक लड़की जवाब देती है: “हम अपने पैसों से पी रहे हैं तुम्हारे पैसों से नहीं.” 

वीडियो के कैप्शन में लिखा है: “दिल्ली को शराब की राजधानी बनाने के लिये बधाई हो @Arvindkejriwal.”

ये पोस्ट तभी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जब से दिल्ली में शराब की ख़रीदारी को लेकर नई नीति लागू हुई है. NDTV की इस रिपोर्ट के अनुसार इससे शराब की दुकानों में ख़रीद की प्रकिया आसान हुई है.

ऐसे पोस्ट्स शराब की दुकानों को छूट देने से सार्वजनिक उपद्रव के मामले की बढ़त की चिंताओं को जताते हुए शेयर किये जा रहे है.

वीडियो को बिल्कुल इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां शेयर किया गया है. 

वीडियो में जिस तरह के कमेंट किये जा रहे हैं उससे ये लगता है कि यूज़र्स इस बात पर विश्वास कर रहे हैं कि वीडियो में लड़कियां खुले में शराब पी रही हैं. 

एक व्यक्ति ने लिखा: “इस बात पर कोई आश्चर्य नहीं है, दिल्ली हमेशा ही बिगड़ैल लोगों का अड्डा रहा है. हालाँकि अब ये और खुलेआम हो रहा है. लेकिन किसी को भी मोरल पोलिसिंग नहीं करनी चाहिये क़ानून के लोग अपना काम करेंगे.”

एक अन्य यूज़र ने लिखा; “शराब तो हर राज्य में पी जा रही है सिर्फ़ दिल्ली में नहीं… अगर लड़के पी रहे हैं तो ठीक है और लड़कियाँ पियें तो ठीक नहीं है..”

लेकिन असल में ये एक स्क्रिप्टेड वीडियो है.

वीडियो को ध्यान से देखेंगे तो उसके 1 मिनट 9 सेकेंड पर एक डिसक्लेमर आता है जिसमें लिखा है: “इस वीडियो का उद्देश्य सिर्फ़ मनोरंजन और प्रचार है. इसे क़ानून के उचित उपयोग के तहत बनाया गया है. हम इस वीडियो को किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं बना रहे इसका मक़सद सिर्फ़ कलाकारों की रचनात्मकता को दिखाना है और प्रचार करना है.”

वीडियो में एक वॉटरमार्क भी लगा था जिसमें लिखा था: “Mr_thakur1612.”

कीवर्ड सर्च से पता चला कि ये अकाउंट एक सोशल मीडिया इनफ़्लुएंसर सन्नी ठाकुर का है जो लगाकर अपने फ़ेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट में ऐसे नाटकीय वीडियो डालते रहते हैं. 

भ्रामक पोस्ट में शेयर किया वीडियो एक लंबे वीडियो का हिस्सा है जिसे यहां 26 नवंबर को सन्नी ठाकुर ने अपने फ़ेसबुक पोस्ट में शेयर किया था. 

वीडियो के अंत में एक व्यक्ति लड़कियों के साथ आता है और कहता है; “यह वीडियो केवल समाज को संदेश देने के लिये बनाया गया था क्योंकि हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आये हैं.”

नीचे भ्रामक पोस्ट (बायें) और सन्नी ठाकुर के वीडियो (दायें) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है. 

भ्रामक पोस्ट (बायें) और सन्नी ठाकुर के वीडियो (दायें) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

वायरल वीडियो के संबंध में AFP से बात करते हुए सन्नी ठाकुर ने कहा कि “यह असली नहीं है इसे सिर्फ़ एक नाटक के लिये बनाया गया था.”