प्रधानमंत्री मोदी की ये वायरल तस्वीर एडिटेड है

कॉपीराइट AFP 2017-2022. सर्वाधिकार सुरक्षित.

सोशल मीडिया पर वायरल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर के साथ ये फ़र्ज़ी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कैमरे से फ़ोटो खींचने से पहले लेंस कवर नहीं हटाया. आपको बता दें कि वायरल तस्वीर एडिट की गयी है; असल तस्वीर में साफ़ दिखाई देता है कि कैमरे पर कोई लेंस कैप नहीं लगा है.

ट्विटर पर सितम्बर 17, 2022 को यहां पोस्ट किये जाने तक ये तस्वीर करीब 720 बार शेयर की गयी.

वायरल तस्वीर में दिखाई देता है कि प्रधानमंत्री मोदी एक कैमरे के व्यूफ़ाइंडर में देख रहे हैं जिसके लेंस पर लेंस कैप लगा हुआ है.

ट्वीट का कैप्शन है; "कैमरे के लेंस का ढक्कन निकाले बिना कौन फोटो खींचता है भला.... लेकिन मोदी है तो मुमकिन है". हालांकि इस ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया गया.

भ्रामक ट्वीट का सितम्बर 18, 2022 को लिया गया स्क्रीनशॉट

यही तस्वीर फ़ेसबुक पर यहां और यहां, और ट्विटर पर यहां शेयर की गयी.

दमन और दीव कांग्रेस सेवादल के ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल से भी यही तस्वीर इस कैप्शन के साथ रीट्वीट की गयी; "बिना 'लेंस कवर' हटाए ही फ़ोटोग्राफ़ी...ऐसे कौन करता है बे."

यूज़र्स के कमैंट्स देखकर प्रतीत होता है कि कइयों ने इस तस्वीर को सही मान लिया है.

"खींच नहीं खिचवा रहे है," एक यूज़र ने लिखा.

वहीं दूसरे ने लिखा है, "पीएम हैं कुछ भी कर सकते हैं."

आपको बता दें कि वायरल तस्वीर एडिट की गयी है.

पीएम मोदी का कूनो नेशनल पार्क दौरा

वायरल तस्वीर को करीब से देखने पर हमने पाया कि कैमरे पर लिखे ब्रांड 'Nikon' का नाम उल्टा दिख रहा है वहीं कैमरे के लेंस पर लगे कवर पर लिखे ब्रांड 'Canon' का नाम सीधा दिख रहा है.

कीवर्ड सर्च करने पर हमें यही तस्वीर भारतीय जनता पार्टी, गुजरात के ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल पर भी मिली. हालांकि गुजरात बीजेपी के ट्विटर हैंडल पर शेयर की गयी तस्वीर वायरल तस्वीर की मिरर इमेज यानी कि प्रतिबिम्ब है.

गुजराती में लिखे ट्वीट में बताया गया है कि तस्वीर मोदी के मध्य प्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क दौरे के दौरान खींची गयी थी.

असल तस्वीर में मोदी के हाथ में दिख रहे कैमरे पर कोई लेंस कैप नहीं है.

नीचे आप भ्रामक पोस्ट में शेयर की गयी तस्वीर (बाएं) और गुजरात बीजेपी के ट्विटर अकाउंट पर शेयर की गयी तस्वीर (दाएं) के बीच तुलना देख सकते हैं:

भ्रामक पोस्ट में शेयर की गयी तस्वीर (बाएं) और गुजरात बीजेपी के ट्विटर अकाउंट पर शेयर की गयी तस्वीर (दाएं) के बीच तुलना

AFP के रिपोर्ट के मुताबिक सितम्बर 17 को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में आठ नामीबियाई चीतों को उनके बाड़े में छोड़ा था.

भारत सरकार ने 1952 में चीतों को देश में विलुप्त करार दिया था. अब इन आठ नामीबियाई चीतों के ज़रिये इस प्रजाति को भारत में एक बार फिर से लाने की एक कोशिश की गयी है.

मोदी के कूनो नैशनल पार्क दौरे पर फ़र्स्टपोस्ट में छपी एक रिपोर्ट में भी गुजरात बीजेपी के ट्विटर अकाउंट पर शेयर किये गए तस्वीर का क्रॉप्ड वर्ज़न इस्तेमाल किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी के ऑफ़िशियल ट्विटर और फ़ेसबुक एकाउंट्स पर भी सितम्बर 17, 2022 को उनको नैशनल पार्क के दौरे की तस्वीरें और वीडियो देखी जा सकती हैं.