पाकिस्तान का पुराना वीडियो तेलंगाना के गलत दावे से शेयर किया गया

इमारत पर चढ़ती भीड़ का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे से शेयर किया जा रहा है कि तेलंगाना में मुस्लिम समुदाय के लोग हिन्दुओं के घरों में जबरदस्ती घुस रहे हैं. वीडियो में भीड़ को ईमारत पर चढ़ते हुए देखा जा सकता है. हालांकि यह दावा गलत है. यह वीडियो अगस्त 2022 में पाकिस्तान के हैदराबाद प्रान्त में फ़िल्माया गया था. 

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एक यूज़र द्वारा 1 मार्च 2025 को शेयर किये गए पोस्ट के कैप्शन का एक हिस्सा कहता है, "ये नजारा अफगानिस्तान, पाकिस्तान का नहीं तेलंगाना का दृश्य है जो सर तन से जुदा नारे के साथ हिन्दुओं के घरों में जबरन घुस रहें हैं."

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गलत दावे से शेयर किये जा रहे पोस्ट का 1 मार्च 2025 को लिया गया स्क्रीनशॉट

इसी तरह के दावे से वीडियो को X पर यहां और फ़ेसबुक पर यहां शेयर किया गया.

कांग्रेस पार्टी -- जिस पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों द्वारा देश के 20 करोड़ मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रति अधिक वफ़ादार होने का आरोप लगाया जाता रहा है -- 2023 का चुनाव जीतकर तेलंगाना में सत्ता में है.

वीडियो के साथ किये गए दावे को सच मानते हुए एक यूज़र ने लिखा, "Congress को वोट देने का नतीजा देख लो हिन्दुओं."

एक अन्य ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं के X हैंडल टैग करते हुए लिखा, "जिहादियों ने कांग्रेस शासित राज्यों में दंगे शुरू कर दिए हैं. गृह मंत्री, यह एक चेतावनी है."

कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 25 अगस्त, 2022 को एक X पोस्ट में शेयर किए गए वीडियो का लंबा संस्करण मिला, जिसके कैप्शन में कहा गया था कि इसे पाकिस्तान में फ़िल्माया गया है (आर्काइव्ड लिंक).

पोस्ट में लिखा है, "पाकिस्तान के हैदराबाद के सदर स्थित राबिया सेंटर में एक हिंदू सफ़ाई कर्मचारी अशोक कुमार को ईशनिंदा के झूठे मामले में परेशान किया जा रहा है."

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गलत दावे से शेयर की जा रही वीडियो (बाएं) और असल वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने भी धर्म या आस्था के कारण पीड़ितों की अपनी सूची में अशोक कुमार के मामले का विस्तार से उल्लेख किया है.

वेबसाइट पर उपलब्ध लेख के अनुसार कुमार पर कुरान जलाने का आरोप लगाया गया था और 21 अगस्त, 2022 को पाकिस्तान में हैदराबाद पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया था. इसके बाद भीड़ ने उन्हें पकड़ने के लिए उनके अपार्टमेंट की इमारत में घुसने की कोशिश की थी (आर्काइव्ड लिंक).

गलत दावे से शेयर किया जा रहा वीडियो दूसरे एंगल से अगस्त 2022 में X पर पोस्ट किया गया है जिसमें समान दृश्य देखे जा सकते हैं (आर्काइव्ड लिंक).

31 अगस्त, 2022 को हैदराबाद पुलिस के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर मिले एक पोस्ट के अनुसार, पुलिस ने बाद में अशोक कुमार को निर्दोष पाया और रिहा कर दिया (आर्काइव्ड लिंक).

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