गुब्बारे बेचते बच्चे का स्क्रिप्टेड वीडियो गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल

एक व्यक्ति सड़क पर बैलून बेच रहे बच्चे के सभी गुब्बारे फोड़ देता है. बच्चा गिड़गिड़ाता रहता है मगर वो एक नहीं सुनता. सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए यूज़र्स ने दावा किया कि ये भारत में मुस्लिमों के खिलाफ़ हो रही हिंसा का एक उदहारण है मगर वीडियो बनाने वाले बांग्लादेश के कंटेंट क्रिएटर ने एएफ़पी को बताया कि यह एक "स्क्रिप्टेड" सीन था, और वीडियो में दिख रहा बच्चा पहले से जानता था कि क्या होने वाला है.

फ़ेसबुक पर 26 जनवरी, 2026 को शेयर किये गए वीडियो का कैप्शन है, "गणतंत्र दिवस पर एक बच्चा गुब्बारे बेच रहा था एक नीच ने उसकी टोपी देखकर सारे गुब्बारे फोड़ डाले."

वीडियो में दिख रहा बच्चा मुस्लिम पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली टोपी पहने दिखाई दे रहा है.

कैप्शन में भारत की विकास और प्रगति पर व्यंग करते हुए लिखा गया है, "विश्वगुरु आत्मनिर्भर नये भारत के अमृतकाल में गण-तंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं" (आर्काइव्ड लिंक).

Image
गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

यह वीडियो फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X पोस्ट्स में शेयर किया गया था.

एक पोस्ट पर कमेंट में लिखा है, "इसकी वज़ह ये है कि सरकार इनको सपोर्ट करती है. कोई एक्शन नहीं होता. ये सिर्फ राजनीतिक हिंदू हैं."

"देखो, वह हिंदू है, हिंदुस्तानी है. देखो कितनी नफ़रत है," एक अन्य यूज़र ने कहा.

हालांकि, यह दावा फ़र्ज़ी है और वीडियो को भारत में नहीं बांग्लादेश में फ़िल्माया गया है.

गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के की-फ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर 12 जनवरी को फ़ेसबुक पर शेयर किया गया वीडियो का  एक लंबा संस्करण मिला (आर्काइव्ड लिंक).

इसका बांग्ला कैप्शन है, "अंत में उस छोटे लड़के के साथ जो हुआ, उसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे."

ओरिजिनल वीडियो में गुब्बारे फोड़ रहे व्यक्ति को बच्चे से बांग्ला में बात करते सुना जा सकता है. वह बच्चे को 1,000 टका (बांग्लादेशी करेंसी) देते हुए उसे सड़क पर गुब्बारे बेचने के बजाय घर जाकर खेलने और पढ़ाई करने की सलाह देता है.

Image
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और 12 जनवरी के फ़ेसबुक वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने एएफ़पी को बताया कि यह एक स्क्रिप्टेड एक्ट था और बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक इलाके में फ़िल्माया गया था.

मोहम्मद राजू मिया ने 29 जनवरी को कहा, "यह वीडियो अगरगांव में बनाया गया था और यह स्क्रिप्टेड है." उन्होंने आगे कहा, "वीडियो में दिख रहे बच्चे को सब कुछ पहले से पता था और बाद में मैंने इस बच्चे के कई वीडियो अपने पेज पर पोस्ट किए."

वीडियो में दिख रही लोकेशन गूगल मैप्स स्ट्रीट व्यू इमेज में ढाका के अगरगांव इलाके के एक क्षेत्र से मेल खाती है (आर्काइव्ड लिंक).

Image
गलत दावे से शेयर की गई वीडियो का स्क्रीनशॉट (बाएं) और गूगल मैप्स स्ट्रीट इमेजरी, एएफ़पी द्वारा हाइलाइट किए गए समान तत्व

बच्चे के चाचा अतीकुल इस्लाम ने 9 फ़रवरी को एएफ़पी को अलग से बताया कि वे दोनों अगरगांव में गुब्बारे बेचते हैं.

इस्लाम ने कहा, "कंटेंट क्रिएटर के साथ उसका वीडियो उसकी सहमति से बनाया गया था."

वही बच्चा कंटेंट क्रिएटर के फ़ेसबुक पेज पर अन्य वीडियो में भी दिखाई देता है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

13 जनवरी के एक वीडियो में राजू मियां बच्चे से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं (आर्काइव्ड लिंक). कैमरे से बात करते हुए वह कहते हैं कि वायरल हो रहे वीडियो में क्या होगा, बच्चे को इसके बारे में पहले ही बता दिया गया था.

एएफ़पी ने पहले भी कई अन्य स्क्रिप्टेड वीडियो को फ़ैक्ट चेक किया है जिन्हें असली बताकर गलत दावे से शेयर किया गया था.

Image

क्या कोई कंटेंट/न्यूज़/वीडियो या तस्वीर है जो आप चाहते हैं की AFP फ़ैक्ट चेक करे?

हमसे संपर्क करें