अवैध बांग्लादेशियों के भागने के दावे से शेयर किये गये ये वीडियो असंबंधित और पुराने हैं

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जबरदस्त जीत हुई है. चुनाव परिणाम आने के बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो इस गलत दावे के साथ शेयर किए गए कि ये पश्चिम बंगाल से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भागते हुए दिखाते हैं. लेकिन इन दोनों वीडियो में से कोई भी चुनाव परिणामों के बाद का नहीं है -- एक वीडियो कुछ महीने पहले आयोजित एक मुस्लिम धार्मिक जमावड़े का है, जबकि दूसरा बांग्लादेश में रिकॉर्ड किया गया था और विधानसभा चुनाव से उसका कोई संबंध नहीं है.

क्लिप को 5 मई को X पर शेयर किया गया है जिसका कैप्शन है, "वीडियो पश्चिम बंगाल का है. घुसपैठिए बांग्लादेश के लिए निकलने लगे हैं.”

वीडियो में भीड़ की शक्ल में कई लोग सामान और बैग लादे सड़क पर चलते दिखते हैं. एक व्यक्ति कैमरे पर कहता है: "क्या आपने कभी इतने लोग देखे हैं? पूरा इलाका हाई अलर्ट पर है. यह पिछले तीन दिनों से चल रहा है."

वह आगे कहता है: "लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं. हमारे इलाके में 2026 का बिस्वा इज्तेमा आयोजित हो रहा है, और देशभर से मुसलमान यहां आ रहे हैं. मेरा घर भी यहीं है, पुयानन, हुगली में."

जबकि उस व्यक्ति ने साफ़ तौर पर कहा कि यह भीड़ मुस्लिमों के एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंची है, पर पोस्ट पर यूज़र्स के कमेंट्स से पता चलता है कि वे इस दावे पर यकीन कर रहे हैं.

एक यूज़र ने लिखा, "पश्चिम बंगाल अब इस्लामिक जिहादियों से मुक्त हो रहा है," जबकि दूसरे ने लिखा: "यह अच्छी बात है कि दूसरे देशों से आए ये घुसपैठिए अपने से निकल लिये वरना लठ्ठ बजानी पड़ती."

उसी दिन फ़ेसबुक पर पोस्ट किया गया एक अन्य वीडियो, जिसमें बड़ी संख्या में लोग एक जहाज़ पर चढ़ते दिख रहे हैं, इसी तरह के दावे से शेयर किया गया कि घुसपैठिये बंगाल छोड़कर भाग रहे हैं.

इसके कैप्शन में लिखा है: "चुनाव परिणाम आने के बाद रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमान बंगाल छोड़कर भागने लगे."

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गलत दावे से शेयर किये गये पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट्स जिनमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

पश्चिम बंगाल, जहां बांग्लादेश से अवैध प्रवासन का मुद्दा चुनावी अभियान का प्रमुख केंद्र था, के अहम चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद ये वीडियो फ़ेसबुक और X पर इसी दावे से शेयर किये गये (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

पश्चिम बंगाल में 2011 से ही सत्ता संभाल रहीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने के लिए भाजपा ने आक्रामक अभियान चलाया था.

हालांकि, ऑनलाइन शेयर किए गए ये वीडियो पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशी प्रवासियों के पलायन को नहीं दिखाते हैं.

बिस्वा इज्तेमा 2026

पहले वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर पाया कि असली वीडियो 5 जनवरी को कंटेंट क्रिएटर दीप घोष ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो के कैप्शन में कहा गया है कि यह बिस्वा इज्तेमा समारोह में "अविश्वसनीय भीड़" दिखाता है.

इवेंट से जुड़े गूगल कीवर्ड सर्च करने पर कई न्यूज़ रिपोर्ट्स मिलीं, जिनसे पुष्टि हुई कि बिस्वा इज्तेमा जनवरी में पश्चिम बंगाल के हुगली के पुइनान में आयोजित हुआ था (आर्काइव्ड लिंक).

घोष ने 7 मई को इंस्टाग्राम मैसेंजर के ज़रिये एएफ़पी को बताया कि उन्होंने यह वीडियो जनवरी 2026 में रिकॉर्ड किया था.

घोष ने कहा, "यह वीडियो बिस्वा इज्तेमा के दौरान, चुनावों से पहले फ़िल्माया गया था, लेकिन अब इसे गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है."

उन्होंने कहा, "मैं जनता से अपील करता हूं: कृपया मेरे कंटेंट का इस तरह दुरुपयोग न करें."

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और इंस्टाग्राम वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

दूसरे वीडियो के कीफ़्रेम्स को भी रिवर्स इमेज सर्च करने पर 30 नवंबर 2025 को शेयर किया गया एक फ़ेसबुक वीडियो मिला (आर्काइव्ड लिंक).

इसके बांग्ला भाषा के कैप्शन में लिखा है: "हज़ारों मुसलमान तेजी से सीढ़ियों का इस्तेमाल कर नाव में सवार हो रहे हैं.”

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और बांग्लादेश के फ़ेसबुक वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

ढाका से संचालित यह फ़ेसबुक पेज, जो नियमित रूप से नावों में यात्रा करने वाले यात्रियों के वीडियो शेयर करता है, ने 14 दिसंबर को इसी दृश्य का एक और वीडियो पोस्ट किया. इसके कैप्शन में कहा गया है कि यह दक्षिणी बांग्लादेश में हर साल आयोजित होने वाले धार्मिक जमावड़े 'चारमोनाई महफिल' से लौट रहे सैकड़ों धार्मिक मुस्लिमों की भीड़ को दिखाता है (आर्काइव लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी इससे पहले भी अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम प्रवासियों के दावे से शेयर किये गये गलत दावों का फ़ैक्ट-चेक कर चुका है. 

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