बांग्लादेश की मज़ार का वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर सांप्रदायिक दावे से वायरल
- प्रकाशित 21 मई 2026, 16h50
- 2 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, Eyamin SAJID, एफप भारत, एफप बांग्लादेश
भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) को रिकॉर्ड मतों से हराने के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भाजपा समर्थकों ने एक मस्जिद के भीतर गाजे-बाजे के साथ चुनावी जीत का जश्न मनाया है. जबकि यह वीडियो जून 2025 से ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है और वास्तव में बांग्लादेश के एक दरगाह में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ा है. दरगाह के संरक्षक ने एएफ़पी को बताया कि नमाज़ के दौरान संगीत का इस्तेमाल दरगाह से जुड़े सूफ़ी समुदाय में आम बात है.
मई 10, 2026 को फ़ेसबुक पर शेयर किये गए वीडियो का कैप्शन है, "बीजेपी के गुंडे इससे ज्यादा क्या कर सकते हैं? कोलकाता में चुनाव जीत का जश्न मस्जिद में संगीत बजाकर मनाया जा रहा है."
"गलतियाँ बढ़ती जा रही हैं; मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है; इसके परिणाम बेहद दर्दनाक होंगे. आपकी आने वाली पीढ़ियाँ आपके कर्मों की सजा जरूर भुगतेंगी."
वीडियो में कई लोग एक दरगाह में एक व्यक्ति के पीछे, जो नमाज़ पढ़ते दिखाई देता है, तुरही और ढोल बजाते नज़र आते हैं.
वीडियो को इसी तरह के पोस्ट्स में पाकिस्तान और बांग्लादेश के यूज़र्स ने भी शेयर किया है.
एक पोस्ट पर किया गया कमेंट है, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी के लोग एक मस्जिद के अंदर -- खासतौर पर उस जगह पर जहां नमाज़ अदा की जा रही है -- संगीत बजाकर जश्न मना रहे हैं."
एक अन्य कमेंट में कहा गया, "यह 'न्यू इंडिया' का निर्माण है, जहां मुसलमान दूसरे दर्जे के नागरिक बन गए हैं."
बीजेपी द्वारा पश्चिम बंगाल के राज्य चुनावों में भारी जीत दर्ज करने के बाद से ही इस क्लिप को शेयर किया जाने लगा (आर्काइव्ड लिंक)
चुनाव के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी, जिसमें 4 मई को नतीजों की घोषणा के बाद से कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है -- इसमें पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के एक करीबी सहयोगी भी शामिल हैं (आर्काइव्ड लिंक).
हालांकि स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में मुसलमानों और उनकी संपत्ति को निशाना बनाया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित यह वीडियो चुनावों से संबंधित नहीं है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).
गलत दावे के साथ शेयर किए गए वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 20 जून 2025 को यूट्यूब पर शेयर किया गया इसका एक लंबा संस्करण मिला (आर्काइव्ड लिंक).
इसके बांग्ला भाषा के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, "शानदार संगीत, शानदार बांसुरी की धुन".
यह चैनल "गाश्छी शाही दरबार शरीफ़" नाम से है, जो बांग्लादेश के चटगांव जिले के राउजान गांव में स्थित एक सूफ़ी दरगाह है (आर्काइव्ड लिंक).
गाश्छी शाही दरबार शरीफ़ के संरक्षक शहज़ादा सैयद मोहम्मद यूसुफ अल-मातिया ने 15 मई को AFP को बताया, "वीडियो हमारे धार्मिक उत्सव के एक आयोजन का है. हम यह उर्स साल में दो बार मनाते हैं -- एक बार फ़रवरी में और एक बार नवंबर में."
उन्होंने आगे कहा कि बंगाली सूफ़ी संप्रदाय मैजभंडारी समुदाय के सभी लोग नमाज़ के दौरान तुरही और अन्य वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल करते हैं (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल चुनावों से जुड़े अन्य फ़र्ज़ी दावों का खंडन किया है.
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