निहंग जत्थे का पुलिस से झड़प का यह वीडियो CJP प्रदर्शन से सम्बंधित नहीं है

नई दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े भ्रामक वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें तलवार लहराते लोगों की भीड़ का एक क्लिप इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन का है. हालांकि, यह दावा गलत है और वीडियो उत्तराखंड का है, जहां निहंग सिखों से जुड़े एक विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश से सिख समुदाय के लोग घटनास्थल गए थे.  

जुलाई 19, 2026 को फ़ेसबुक पर शेयर किये गए पोस्ट का कैप्शन है, "दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे प्रदर्शन में छात्रों के समर्थन में निहंग सिखों सहित कई समूहों ने दस्तक दे दी है." 

पोस्ट के साथ शेयर किए गए नौ सेकंड के वीडियो में कई लोग हाथों में तलवार लिए आगे बढ़ते दिखाई देते हैं, जबकि पुलिसकर्मी पीछे हटते नज़र आते हैं. 

वीडियो पर लिखा है:"जंतर-मंतर पर अब होगा खेल" 

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर AFP द्वारा X साइन जोड़ा गया है

यही दावा इंस्टाग्राम पर भी शेयर किया गया. यह उस समय वायरल हुआ जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हज़ारों प्रदर्शनकारी नई दिल्ली में शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे (आर्काइव्ड लिंक). 

यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के खिलाफ़ शुरू हुआ था. इनमें मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना, जिसके कारण लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी और ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली में गड़बड़ियां मुख्य रूप से शामिल थीं. 

बाद में यह आंदोलन बेरोज़गारी, युवाओं के लिए अवसरों की कमी और आलोचकों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती सत्तावादी कार्यशैली जैसे मुद्दों तक भी फैल गया. 

प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा पत्र लीक करने वालों के खिलाफ़ "कड़ी कार्रवाई" का वादा किया है. 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़ा देने और अन्य मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने इस आंदोलन को समाप्त कर दिया.

हालांकि सोशल मीडिया पर निहंग सिखों के प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ वीडियो मौजूद हैं लेकिन वायरल वीडियो दिल्ली के प्रदर्शन से संबंधित नहीं है (आर्काइव्ड लिंक). 

वायरल वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर AFP को 25 जून 2026 को DailyPost TV के फ़ेसबुक पेज पर अपलोड किया गया लगभग आठ घंटे का लाइव वीडियो मिला, जिसमें मिलते-जुलते दृश्य देखे जा सकते हैं.

वीडियो के पंजाबी कैप्शन के अनुसार इसमें निहंग सिखों का उत्तराखंड की ओर मार्च दिखाया गया है. 

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और फ़ेसबुक की लाइव फ़ीड के स्क्रीनशॉट की तुलना, समान दावों को AFP ने हाइलाइट किया है

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार निहंग सिखों का एक होटल संचालक से हुए वाहन पार्किंग विवाद के बाद उन्हें उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. वायरल वीडियो में दिख रहा समूह उनकी रिहाई की मांग को लेकर पुलिस थाने की ओर जा रहा था (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां और यहां). 

रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि पुलिस ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा के पास कुल्हाल कस्बे में बैरिकेड लगाए थे, जिसे निहंग सिख तोड़ कर आगे बढ़ गए थे. 

समाचार रिपोर्ट्स में दिए गए विवरण के आधार पर AFP ने गूगल मैप्स स्ट्रीट व्यू की तस्वीरों से मिलान कर पुष्टि की कि वायरल वीडियो वास्तव में कुल्हाल का है (आर्काइव्ड लिंक). 

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झूठे दावे के साथ शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और कुल्हाल की गूगल मैप्स स्ट्रीट व्यू तस्वीर का स्क्रीनशॉट, जिनमें समान तत्वों को AFP ने हाइलाइट किया है

AFP इससे पहले भी CJP के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों से जुड़े अन्य गलत दावों का फ़ैक्ट-चेक कर चुका है.

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