मस्जिद पर हिन्दू धार्मिक ध्वज लगाने का यह वीडियो नेपाल नहीं, दिल्ली का है

मस्जिद की मीनार के ऊपर चढ़कर हिन्दू धार्मिक झंडा लगाने की कोशिश करते लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस गलत दावे के साथ शेयर किया गया कि यह जुलाई 2026 के अंत में दक्षिणी नेपाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हिंदुओं द्वारा मस्जिद पर हमले का दृश्य है. हालांकि यह वीडियो फ़रवरी 2020 से ऑनलाइन मौजूद है और वास्तव में दिल्ली के अशोक नगर इलाके में हुई हिंसक सांप्रदायिक झड़पों के दौरान क्षतिग्रस्त की गई एक मस्जिद का है. 

फ़ेसबुक पर 1 अगस्त 2026 को शेयर किए गए एक वीडियो का कैप्शन है "मुस्लिम जिहादी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू जुलूस पर पथराव किए जाने के बाद हिंदू भड़क गए और उन्होंने एक मस्जिद में तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगा दी." 

वीडियो में कुछ लोग मस्जिद की मीनार पर लगे लाउडस्पीकर को हटाकर, वहां एक हिंदू धार्मिक झंडे के साथ भारतीय राष्ट्रीय झंडा लगाते दिखाई देते हैं. 

Image
गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर AFP द्वारा X साइन जोड़ा गया है

यह वीडियो इंस्टाग्राम और X पर भी इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया. इस दौरान दक्षिणी नेपाल के कई शहरों में हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए (आर्काइव्ड लिंक).  

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा 26 जुलाई की रात भारत की सीमा से लगे दक्षिणी नेपाल के सुनसरी जिले के एक गांव में शुरू हुई थी. यह विवाद एक हिंदू जुलूस के दौरान तेज संगीत और धार्मिक झंडों के लगाने को लेकर हुआ था. 

हालांकि, शेयर किया जा रहा वीडियो कई साल पुराना है और वास्तव में भारत की राजधानी नई दिल्ली का है. 

वायरल वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर AFP को यही वीडियो 25 फ़रवरी 2020 को X पर शेयर किया हुआ मिला (आर्काइव्ड लिंक). 

वीडियो के कैप्शन में लिखा था: "अशोक नगर, दिल्ली अपडेट, शाम 6 बजे: हिंदुत्ववादी आतंकी ताकतों ने एक मस्जिद में तोड़फोड़ की है और खुले तौर पर उसे गिराने की अपनी रणनीति दोहरा रहे हैं." 

Image
गलत दावे से शेयर किया गया वीडियो (बाएं) और एक्स पर फ़रवरी 2020 से मौजूद वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

फ़रवरी 2020 में दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स में भी मस्जिद से सम्बंधित इसी तरह के दृश्य प्रकाशित हुए थे (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां). 

ये हिंसक झड़पें 24 फ़रवरी 2020 को तब शुरू हुई थीं जब नागरिकता कानून को लेकर धार्मिक तनाव बढ़ गया था (आर्काइव्ड लिंक). इसके बाद दिल्ली के कई हिस्सों में कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. 

ये दंगे राजधानी में दशकों की सबसे गंभीर सांप्रदायिक हिंसा में से एक थे. इनमें कम से कम 27 लोगों की मौत हुई और 200 से अधिक लोग घायल हुए. 

स्थानीय फ़ैक्ट-चेकिंग संस्था BOOM Live ने 27 फ़रवरी 2020 को रिपोर्ट किया था कि वायरल वीडियो में दिखाई गई मस्जिद दिल्ली के अशोक नगर इलाके में स्थित है (आर्काइव्ड लिंक). 

उस समय की AFP की तस्वीरों में भी क्षतिग्रस्त मस्जिद दिखाई देती है.

Image
एक व्यक्ति मोबाइल फोन पर बात करते हुए जली हुई मस्जिद और दुकानों के पास से गुजर रहा है. ये दृश्य 26 फ़रवरी 2020 को नई दिल्ली में नागरिकता कानून में विवादित संशोधन के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़प के बाद का है. (AFP / Sajjad HUSSAIN)

AFP ने पहले भी नेपाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े अन्य फ़र्ज़ी दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.

Image

क्या कोई कंटेंट/न्यूज़/वीडियो या तस्वीर है जो आप चाहते हैं की AFP फ़ैक्ट चेक करे?

हमसे संपर्क करें