झारखण्ड में भाजपा नेता के खदेड़े जाने की वीडियो को उत्तर प्रदेश का बता वायरल

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो को हजारों बार देखा जा चुका है जिसे शेयर कर ये दावा किया जा रहा है कि भीड़ ने भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा को उनकी कार सहित दौड़ा लिया है. हालांकि ये दावा गलत है. ये वीडियो जनवरी 2022 से कई मीडिया रिपोर्ट्स में झारखंड की एक घटना के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है जिसमें एक दूसरे भाजपा नेता शामिल थे.

वीडियो को फेसबुक पर यहां 4 फरवरी 2022 को शेयर किया गया है जिसे अब तक 6000 से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है.

पोस्ट के कैप्शन में लिखा है: "भाजपा के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जी का मथुरा में ग्रामीणों ने भारी संख्या में विरोध किया. नेता जी को वहां से जान बचाकर उल्टे पांव भागना पड़ा. हम इस कृत्य की कड़ी निन्दा करते हैं." 

फ़रवरी 18, 2022 भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट ( Uzair RIZVI)

इस वीडियो को फेसबुक और ट्विटर पर यहां, यहां, यहां और यहां शेयर किया गया है. 

हालांकि, दावा गलत है. 

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर एक लोकल मीडिया आउटलेट जनता प्रेस झारखंड के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो यहां 31 जनवरी 2022 को अपलोड किया गया मिला.

वीडियो के कैप्शन में लिखा है: "कल बोकारो में पूर्व सांसद और भाजपा सदस्य रवींद्र राय पर भीड़ ने अचानक हमला कर दिया."

वीडियो के डिस्क्रिप्शन के अनुसार बोकारो में भीड़ ने उस कार में हमला कर दिया था जिसमें रविन्द्र बैठे हुए थे. पूर्व सांसद ने बाद में FIR भी दर्ज कराई थी. 

नीचे भ्रामक पोस्ट के वीडियो (बाएं) और झारखंड के लोकल मीडिया पोर्टल के यूट्यूब वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट के वीडियो (बाएं) और झारखंड के लोकल मीडिया पोर्टल के यूट्यूब वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना ( Uzair RIZVI)

बिल्कुल इसी वीडियो को झारखंड के एक अन्य लोकल मीडिया पोर्टल न्यूज रांची के यूट्यूब चैनल पर 31 जनवरी 2022 को शेयर किया गया है. 

रवींद्र राय ने भी इस वीडियो को अपने फेसबुक पेज से 30 जनवरी 2022 को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा: "अगर मेरा ड्राइवर इतना समझदार और स्मार्ट नहीं होता तो मुझे यकीन नहीं है कि मैं ये वीडियो आपके साथ शेयर कर पाता."

टाइन्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों द्वारा रवींद्र राय की गाड़ी में हमले के बाद वे एक संकरे रास्ते में भागने में कामयाब हो गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी, झारखंड के दो जिलों में सरकारी कर्मचारियों के चयन के लिए होने वाली परीक्षाओं से दो क्षेत्रीय भाषाओं को हटाने की मांग कर रहे थे.

इस घटना को राष्ट्रीय हिन्दी अखबारों, लाइव हिंदुस्तान, अमर उजाला और दैनिक भास्कर ने भी 31 जनवरी 2022 को कवर किया था.

( Uzair RIZVI)