दहेज़ के खिलाफ जागरूकता के लिए बनाया गया वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल

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सोशल मीडिया पर हज़ारों बार देखी जा चुकी एक वीडियो क्लिप को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक दूल्हे ने ये कह कर शादी रुकवा दी कि जब तक दुल्हन के घरवाले उसकी दहेज की मांग पूरी नहीं करते वो शादी नहीं करेगा. भारत में दहेज़ प्रथा को 1961 में ही कानून जुर्म घोषित कर दिया गया था लेकिन इसकी लेनी-देनी में आजतक कमी नहीं आयी है. हालांकि दावा भ्रामक है. वास्तव में इस वीडियो को बनाने वाले शख़्स ने AFP को बताया कि ये वीडियो एक नाटक है और सिर्फ़ दहेज के प्रति समाज में लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से बनाया गया है.

वीडियो क्लिप को ट्विटर पर यहां 6 मार्च, 2022 को शेयर किया गया है जहां इसे 420,000 बार से भी ज़्यादा देखा जा चुका है.

वीडियो में एक शादी के कपड़े पहने हुए एक जोड़े को स्टेज पर देखा जा सकता है जहां वो रिकॉर्डिंग कर रहे एक व्यक्ति से बात करते दिखाई दे रहे हैं. रिकॉर्डिंग कर रहा व्यक्ति स्वयं फ़्रेम में नहीं दिखाई देता.

दहेज की मांग करते हुए दूल्हा कहता है कि उसके पास सरकारी नौकरी है और उसके पिता भी एक सरकारी शिक्षक हैं. उसे दुल्हन के परिवार से एक सोने की चेन, अंगूठी और कैश में रुपये की मांग करते हुए सुना जा सकता है.

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

वीडियो रिकॉर्ड कर रहा व्यक्ति कहता है कि जब पढ़े लिखे लोग ही दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को खुलेआम बढ़ायेंगे तो अनपढ़ लोगों के ऐसा करने पर उनकी कोई ग़लती ही नहीं.

यह घटना कथित तौर पर बिहार के किसी गांव की बताई जा रही है. ट्वीट के कैप्शन में लिखा है, "दहेज.. दस थप्पड़ लगाओ इस मूर्ख के काम के नीचे."

ट्वीट के रिप्लाई में कई यूज़र्स ने इस तरह के कमेंट भी किये जिनसे ऐसा लगता है कि वे इस दावे पर यक़ीन कर रहे हैं.

एक यूज़र ने लिखा, "इसे देखने से तो ऐसा लगता है कि ये कोई चौथी दर्जे का सरकारी कर्मचारी है. ऐसे दूल्हे और उसके परिवार को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए."

एक अन्य यूज़र ने लिखा, "दहेज एक बड़ा सामाजिक अभिशाप है. बिहार में तो सरकारी नौकरी पाने वाले लड़के और उसके परिवार के पैर ज़मीन पर नहीं टिकते."

बिल्कुल इसी दावे के साथ ये वीडियो ट्विटर पर यहां, यहां और फ़ेसबुक पर यहां, और यहां शेयर किया गया है.

इसे कई न्यूज़ आउटलेट्स ने भी इस वीडियो पर यहां, यहां और यहां रिपोर्ट्स छापीं.

वीडियो को कीफ्रेम में तोड़कर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें इस वीडियो के निर्माता दिव्या विक्रम नाम के एक फ़ेसबुक पेज पर 25 फ़रवरी, 2022 को अपलोड किया गया मिला.

वीडियो को कम से कम 70 लाख से भी अधिक बार देखा गया है, लेकिन पेज ने इस वीडियो में ये स्पष्ट नहीं लिखा कि ये नाटकीय वीडियो है.

वीडियो को यहां भी विक्रम मिश्र नाम के फ़ेसबुक पेज पर 23 फ़रवरी, 2022 को अपलोड किया गया है. इस वीडियो के वास्तविक निर्माता भी विक्रम मिश्र ही हैं.

दोनों ही पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "बिहार में टीचर के लड़का ने दहेज के लिए किया हंगामा और शादी करने से किया इंकार."

ओरिजिनल पोस्ट का स्क्रीनशॉट

नीचे भ्रामक पोस्ट के वीडियो (बायें) और विक्रम मिश्र फ़ेसबुक पेज के वीडियो (दायें) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट के वीडियो (बायें) और विक्रम मिश्र फ़ेसबुक पेज के वीडियो (दायें) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

इस फ़ेसबुक पेज के कई अन्य वीडियो में भी यही दोनों व्यक्ति बिल्कुल वही कपड़े पहने दिखाई देते हैं, वीडियो का बैकग्राउंड भी बिल्कुल मिलता जुलता है. 

दिव्या विक्रम फ़ेसबुक पेज पर 8 मार्च, 2022 को पोस्ट किये गये एक वीडियो में दूल्हा नशे की हालत में होता है और दुल्हन उनके साथ जाने से मना कर देती है.

स्क्रीनशॉट जिसमे वीडियो के थंबनेल में यही दोनों व्यक्ति बिल्कुल वही कपड़े पहने दिखाई देते हैं

AFP ने फ़ेसबुक पेज के संचालक विक्रम मिश्र से वायरल वीडियो के संबंध में संपर्क किया. 

विक्रम ने बताया कि वो सामाजिक मुद्दों पर इस तरह के स्क्रिप्टेड वीडियो लगातार बनाते रहते हैं. 

उन्होंने कहा कि ये वायरल वीडियो भी दहेज के ख़िलाफ़ सामाजिक जागरूकता के लिये बनाया गया था लेकिन लोगों ने बिना जाने समझे इसे भ्रामक दावों के साथ शेयर करना शुरू कर दिया जैसे कि ये सत्य घटना हो.

उन्होंने वायरल वीडियो में एक्टिंग कर रहे दोनों व्यक्तियों रानी और अमित से भी AFP की बात कराई. उन्होंने कहा कि वे इस तरह के कई अन्य वीडियो में भी अभिनय कर चुके हैं और ये वायरल वीडियो नाटकीय है. 

उन्होंने AFP को बताया कि असल जीवन में उन दोनों की शादी हो चुकी है और वे दोनों लंबे समय से साथ में काम रहे हैं.