जन औषधि दिवस पर सजाई गई क़ुतुब मीनार की तस्वीर यूक्रेन संकट से जोड़कर वायरल

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रूस द्वारा अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमले के बीच चीनी सरकारी मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स ने कई तस्वीरें प्रकाशित करते हुए दावा किया कि भारत की राजधानी में स्थित क़ुतुब मीनार को रूस के झंडे के रंग से सजाया गया है. इसी तरह की कई पोस्ट को ये कहते हुए शेयर किया गया कि रूस के समर्थन में भारत ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक इमारत क़ुतुब मीनार लाल, सफ़ेद और नीले रंग से जगमगा रही थी. हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन रंगों का रूस के झंडे से कोई लेना देना नहीं है. कई सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आयोजन जेनरिक दवाओं को बढ़ावा देने की एक पहल का हिस्सा था.

ग्लोबल टाइम्स द्वारा 7 मार्च को ट्विटर पर शेयर की गई पोस्ट में लिखा है, "भारत ने नई दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों में से एक क़ुतुब मीनार को रूसी झंडों के रंगों से रोशन किया."

पोस्ट में यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त क़ुतुब मीनार की चार तस्वीरें भी शेयर की गई हैं जो लाल, सफ़ेद और नीले रंग से जगमगा रही है.

डिलीट होने से पहले से इस पोस्ट को लगभग दर्जनों बार शेयर किया गया था.

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर खुद को रुस से लगभग अलग-थलग कर लिया है.

उन्होंने रूस पर गंभीर प्रतिबंधों की शुरुआत की है जिसने रूस को अपने क़र्ज़ पर संभावित डिफ़ॉल्ट की ओर धकेल दिया है. इसके अलावा मास्को को कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और खेल मंचों से भी बाहर कर दिया गया है.

AFP ने यहां इस घटनाक्रम की जानकारी दी है.

रूस के हमले के समर्थन में भारत द्वारा क़ुतुब मीनार को लाल, सफ़ेद और नीले रंग में रंगने के दावे से ट्विटर पर यहां, यहां और फ़ेसबुक पर यहां, यहां बिल्कुल वही तस्वीरें शेयर की गई हैं.

हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को ख़ारिज किया है.

सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो ने 8 मार्च को ट्विटर पर पोस्ट किये गये एक बयान में कहा, "ग्लोबल टाइम्स ने एक ट्वीट में दावा किया है कि क़ुतुब मीनार को रूसी झंडे को रंगों से सजाया गया था. यह दावा भ्रामक है."

"क़ुतुब मीनार को #जनऔषधिदिवस2022 समारोह के एक कार्यक्रम के लिये सजाया गया था."

भारतीय रसायन मंत्रालय के इस प्रेस रिलीज़ के अनुसार, "'जन औषधि दिवस 2022' मार्च की शुरुआत में गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये चलने वाले एक सप्ताह भर का कार्यक्रम था."

नीचे भ्रामक पोस्ट की तस्वीरों में से एक (दाएं) और सरकार के ट्विटर हैंडल से पोस्ट की गयी तस्वीर की तुलना देखी जा सकती है(बाएं):

भ्रामक पोस्ट की तस्वीरों में से एक (दाएं) और सरकार के ट्विटर हैंडल से पोस्ट की गयी तस्वीर की तुलना

कीवर्ड सर्च में हमने पाया कि भारत सरकार से जुड़े ट्विटर अकाउंट्स ने यहां और यहां कार्यक्रम के दौरान क़ुतुब मीनार की इसी तरह की तस्वीरें पोस्ट की हैं. इनमें से किसी भी पोस्ट में यूक्रेन पर रूस के हमले का कोई ज़िक्र नहीं है.

AFP ने पहले भी रूस यूक्रेन संकट से जुड़ी तमाम ग़लत और भ्रामक सूचनाओं का खंडन यहां किया है.

यूक्रेन संघर्ष