यूक्रेन सेना द्वारा आयोजित सौंदर्य प्रतियोगिता की विजेता की तस्वीर गलत दावे से वायरल

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सेना की वर्दी पहने एक महिला की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वह यूक्रेन की पहली महिला फाइटर पायलट हैं जिनकी रूसी आक्रमण के बाद मृत्यु हो गयी. लेकिन यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये तस्वीर एक सैनिक की है जिसने 2016 में सेना द्वारा आयोजित एक सौंदर्य प्रतियोगिता जीती थी. यूक्रेन की पहली लड़ाकू महिला पायलट अब एक राजनेता हैं.

फेसबुक पर इस पोस्ट को यहां 27 फ़रवरी, 2022 को शेयर किया गया है. पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "यूक्रेन की पहली महिला सैनिक शहीद...नताशा ने अपने अंतिम क्षण तक रूसी सेना से लड़ाई लड़ी....नताशा ने रूसी सेना का जमकर मुकाबला किया, युद्ध के मैदान को नहीं छोड़ा और अंत में अपने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हुए वह शहीद हो गई.”

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

गूगल पर एक रिवर्स करने पर पता चला कि यह तस्वीर यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर 2016 में प्रकाशित एक आर्टिकल में प्रयोग की गई है, जिसमें महिला की पहचान एक लड़ाकू पायलट के रूप में नहीं बल्कि एक सैनिक ओलेसिया वोरोबेई के रूप में की गई है.

आर्टिकल की हेडलाइन में लिखा है, "आतंकवाद विरोधी अभियान (ATO) की एक प्रतिभागी, प्रथम श्रेणी की सैनिक ओलेसिया वोरोबेई, लुगांस्क क्षेत्र की वर्दीधारी सौंदर्य प्रतियोगिता 'ग्लोरी टू हीरोइंस' की विजेता बनीं."

हमने इस बाबत वोरोबेई से भी संपर्क किया है लेकिन उन्होंने इस आर्टिकल के प्रकाशित होने तक कोई जवाब नहीं दिया है.

लॉस एंजिलिस टाइम्स के अनुसार यूक्रेन की पहली लड़ाकू महिला पायलट के रूप में नादिया सवचेंको को जाना जाता है और यूक्रेन में चल रहे संघर्ष में उनके मारे जाने की फ़िलहाल कोई खबर नहीं है.

सवचेंको अब एक राजनेता हैं जिन्होंने पूर्वी यूक्रेन में मास्को समर्थित विद्रोहियों द्वारा कब्ज़ा कर लेने के बाद 2 साल कैद में बिताए थे.

सवचेंको को कई बार अपने फ़ेसबुक और टिक-टॉक अकाउंट पर पोस्ट करते देखा गया हैं.

यूक्रेन संघर्ष से जुड़े कई अन्य गलत दावों को AFP ने यहां फैक्ट-चेक किया है.