उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में हुई घटना की वीडियो राजस्थान के करौली का बता वायरल

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो को अब तक लगभग 350,000 बार से अधिक देखा जा चुका है. इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये राजस्थान के करौली में हाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान एक मस्जिद के ऊपर हिंदुओं द्वारा भगवा झंडा लगाने को दिखाता है. जबकि ये वीडियो उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले के गहमर का है जहां एक कलश यात्रा के दौरान एक युवक मस्जिद में चढ़कर झंडा लहराने लगा था. पुलिस ने AFP को बताया कि लोगों के डांटने पर वो तुरंत नीचे उतर आया था.

फ़ेसबुक पर 4 अप्रैल, 2022 को यहां लगभग 2,700 बार से आधी शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "करौली राजस्थान में मस्जिद के बाहर डीजे बजाया उसके बाद मस्जिद के ऊपर चढ़कर हिंसा को प्रमोट किया." 

वीडियो में भीड़ हाथों में भगवा झंडे लेकर डीजे पर तेज संगीत में मस्जिद के बाहर नाचते हुए दिख रही है.

ख़बरों के अनुसार राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल को एक धार्मिक जुलूस में लगभग 200 बाईकों में 400 लोगों ने डीजे में गाने बजाते हुए रैली निकाली. पुलिस के मुताबिक़ रैली जब अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र से निकली तो भड़काऊ नारेबाजी होने लगी और मामला सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया जिसमें लगभग 80 से अधिक व्यक्तियों की संपत्ति को नुकसान हुआ है.

इस मामले में अब तक 23 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

भ्रामक पोस्ट का 14 अप्रैल, 2022 को लिया गया स्क्रीनशॉट

सोशल मीडिया पर लगभग 350,000 बार से अधिक देखे गए इस वीडियो को इसी दावे से फ़ेसबुक पर यहां, यहां ट्विटर पर यहां, यहां और इंस्टाग्राम पर यहां शेयर किया गया है.

हालांकि ये वीडियो राजस्थान की हिंसा का नहीं है.

उत्तर प्रदेश का वीडियो

वीडियो के कीफ्रेम को कुछ कीवर्ड के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये वीडियो ट्विटर पर यहां और यहां मिला जिसे 5 अप्रैल को शेयर किया गया था.

ट्वीट के मुताबिक ये वीडियो उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले का है.

ये मस्जिद टेकुरिया मस्जिद बारा के नाम से जानी जाती है जो गहमर में है. 

इस वीडियो से जुड़ी सबसे पुरानी पोस्ट हमें यहां 3 अप्रैल को मिली जिसमें लिखा है: "देश की शांति भंग करने का काम गाज़ीपुर गहमर में पूर्व विधायक के लोग कर रहे हैं. सैकड़ों लोगों ने मस्जिद में घुसकर नमाजियों के साथ मारपीट की. सरकार इसको संज्ञान में ले और कड़ी कार्रवाई करे."

इसी ट्विटर अकाउंट से मस्जिद की कई अलग अलग तस्वीरों को एक अलग ट्वीट में 4 अप्रैल को शेयर कर ये दावा किया गया कि इस वीडियो को गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.

नीचे भ्रामक पोस्ट में शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और ट्विटर पर शेयर की गई मस्जिद की तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट में शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और ट्विटर पर शेयर की गई मस्जिद की तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक गहमर में 2 अप्रैल को हिंदू समुदाय की एक धार्मिक यात्रा के दौरान एक युवक 'जय श्री राम' के नारे लगाता हुआ मस्जिद के ऊपर चढ़ गया था.

सामाजिक कार्यकर्ता उज़मा परवीन ने फ़ेसबुक पर भी गहमर की इस मस्जिद की कई तस्वीरें 4 अप्रैल को शेयर की थीं.

इनमें से एक तस्वीर में मस्जिद की दीवार में एक जगह उर्दू में लिखा है "मकतब-ए-इस्लामिया स्कूल गाज़ीपुर गहमर". 

मकतब एक अरबी शब्द है जो प्राथमिक विद्यालय के लिए लिखा जाता है. कई मस्जिदों में छोटे बच्चों के लिए इस्लाम की तालीम के लिए ऐसे स्कूल होते हैं.

नीचे भ्रामक पोस्ट में दिख रही मस्जिद (बाएं) और मस्जिद की दीवार की तस्वीर (दाएं) जिसमें जगह का नाम गहमर लिखा है, के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है. AFP ने दोनों तस्वीरों में मिलते जुलते दृश्यों को हाईलाइट किया है.

गाज़ीपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी राम बदन सिंह ने बताया कि ये वीडियो गहमर का ही है.

उन्होंने AFP को बताया, "मस्जिद में चढ़कर जो लड़का भगवा झंडा लहरा रहा है वो नाबालिग है और इसे गिरफ़्तार किया जा चुका है. बाकी के तीन आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे."

उन्होंने कहा कि "एक कलश यात्रा के दौरान कुछ कुछ लड़कों ने ये हरकत की थी लेकिन जब वहां मौजूद लोगों ने उन्हें डांटा तो वे नीचे उतर आए. हालांकि पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और FIR दर्ज़ की."