पंजाब का पुराना वीडियो राजस्थान के करौली में हुए हालिया विवाद से जोड़ वायरल

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सोशल मीडिया पर लोगों के आपसी टकराव के एक वीडियो को अब तक हजारों बार देखा जा चुका है जिसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये अप्रैल 2022 में राजस्थान के करौली में मुस्लिम समुदाय के लोगों का हिंदुओं की शोभायात्रा को रोकने को दिखाता है. हालांकि इस वीडियो को भ्रामक संदर्भ में शेयर किया जा रहा है; ये वीडियो क्लिप राजस्थान नहीं, पंजाब में हिंदू और मुस्लिमों के बीच 2016 में हुए एक संघर्ष का है जो गलत दावे के साथ ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है.

वीडियो को फ़ेसबुक पर यहां 4 अप्रैल, 2022 को शेयर किया गया था. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, "यह वीडियो कहीं और का नहीं राजस्थान का जिला करौली की है जिसमें कुछ हिंदू लोग हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में शोभा यात्रा निकाल रहे थे तभी मुल्लों ने वहां पथराव कर दिया."

20 अप्रैल, 2022 को लिया गया भ्रामक फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

वीडियो को फ़ेसबुक पर यहां, यहां और यहां शेयर किया गया है जहां इसे तक 14 लाख बार से भी अधिक देखा जा चुका है.

हालांकि गूगल पर कीवर्ड सर्च करने पर हमने पाया कि ये वीडियो एक लंबी वीडियो फुटेज का हिस्सा है जिसे यूट्यूब पर यहां 13 जुलाई, 2017 को अपलोड किया गया है.

वीडियो के कैप्शन में लिखा है: "फगवाड़ा में शिव सेना वर्सेज मुस्लिम."

नीचे भ्रामक पोस्ट के वीडियो (बाएं) और यूट्यूब के वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट के वीडियो (बाएं) और यूट्यूब के वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

भ्रामक वीडियो में दिख रही फुटेज में 44 सेकंड के टाइमस्टैम्प से मिलती बिल्कुल वही तस्वीर इंडियन एक्सप्रेस की 23 जुलाई, 2016 की एक रिपोर्ट में प्रकाशित की गई है.

रिपोर्ट में लिखा है: "अपने विरोध मार्च के दौरान शुक्रवार को फगवाड़ा में शिव सेना नेता और मुस्लिमों के बीच आपस में भिड़ंत हो गई. कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि पुलिस स्थिति को काबू करने में सफल रही."

नीचे वायरल वीडियो (बाएं) और इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

वायरल वीडियो (बाएं) और इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

वीडियो में 1 मिनट 13 सेकंड के टाइमस्टैम्प पर एक निशान देखा जा सकता है जिस पर लिखा है 'निखिल कलेक्शन'. 

यह फ्रेम पंजाब के फगवाड़ा में गूगल मैप्स में कपड़े की एक दुकान के साइनबोर्ड की तस्वीर से बिलकुल मेल खाता है.

नीचे भ्रामक वीडियो में 0:06 सेकंड पर दुकान के चित्र (बाएं) और गूगल मैप्स में दिए चित्र (दाएं) के बीच तुलना है.

( Uzair RIZVI)