JNU में रामनवमी के दिन ये छात्राएं आहत हुई थीं, AIIMS डॉक्टर ने की पुष्टि

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JNU में रामनवमी के दौरान छात्रों के बीच हुई हिंसा से जुड़ी दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर अब तक हजारों बार इस दावे से शेयर की गयी कि वामपंथी संगठन की छात्राओं ने चोट लगने का नाटक किया. हालांकि ये दावा गलत है. AIIMS के जिस डॉक्टर ने उन दोनों छात्राओं का इलाज किया था उन्होंने AFP को बताया कि एक छात्रा को सिर में गंभीर चोट आई थी इसलिए उन्हें टांके लगाने पड़े जबकि दूसरी छात्रा बेहोश हो गई थी तो उन्हें भी चिकित्सा के ज़रूरत थी.

ट्विटर पर यहां 10 अप्रैल, 2022 को शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "पहली फोटो में ग्रे टॉप वाली का सर फटा था और नीली कुर्ती वाली उसको सहारा दे रही थी और दूसरी में नीली कुर्ती वाली बेहोश हो गई और ग्रे टॉप वाली बिलकुल ठीक हो गई. हद है नौटंकी की."

ट्वीट को लगभग 4000 बार रिट्वीट किया गया है इसके अंत में लिखा है "देखो जेएनयू में जादू".

अप्रैल 20, 2022, को लिया गया भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

JNU कैंपस में 10 अप्रैल में छात्रों के बीच विवाद छिड़ा जिसमे कुछ लोग घायल हुए थे.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार राम नवमी के दिन कावेरी हॉस्टल की मेस में ABVP से जुड़े लोगों ने मांसाहारी खाना न बनने का दबाव डाला था. रिपोर्ट के अनुसार लेफ्ट संगठन के छात्रों ने ABVP के इस कदम का विरोध किया जिसके बाद ये मामला हिंसक हो गया और छह लोगों को चोट आई.

वहीं ABVP के छात्रों ने आरोप लगाया कि लेफ्ट के छात्रों ने उनकी रामनवमी की पूजा को बाधित करने का प्रयास किया था.

पुलिस के अनुसार दोनों ही पक्षों ने FIR दर्ज करवाई है.

वामपंथी छात्राओं के हिंसा में घायल होने को झुठलाता ये पोस्ट फ़ेसबुक पर यहां और यहां शेयर की गई है.

हालांकि ये दावा गलत है.

गूगल पर कीवर्ड सर्च करने पर हमें 10 अप्रैल को बिजनेस स्टैंडर्ड पर प्रकाशित एक आर्टिकल मिला जिसमें, वो छात्रा जिसके सिर से खून बह रहा था उसकी पहचान अख़्तरिस्ता अंसारी के रूप में की गई थी.

AFP ने अंसारी से 13 अप्रैल को संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी हॉस्टल में टकराव के दौरान वो बुरी तरह घायल हो गई थीं. उन्होंने AFP से अपने चोट की और AIIMS में हुई उनकी चिकित्सा की तस्वीरें भी शेयर की. उन्होंने कहा, "मुझे बहुत गंभीर चोट आई है और जिन लोगों को मुझ पर यकीन नहीं वो मेरी मेडिकल रिपोर्ट और चोट का निशान देखें."

उन्होंने 13 अप्रैल को एक ट्वीट में हॉस्पिटल की अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी शेयर की है जहां उन्होंने फर्जी चोट लगने के दावे को खारिज किया है.

ट्वीट के कैप्शन में लिखा है, "ABVP के गुंडे और बिकाऊ मीडिया हाउस मेरी चोट के बारे में झूठे दावे कर रहे हैं कि ये खून नहीं बल्कि मेरे सिर पर केचप लगा था. ये बहुत अपमानजनक है. में हॉस्पिटल में भर्ती थी और मुझे चार टांके लगे हैं. ये देखिए मेरी मेडिकल रिपोर्ट."

वायरल तस्वीरों में दिख रही दूसरी छात्रा मधुरिमा कुंडू ने ने भी फ़ेसबुक और ट्विटर के माध्यम से फर्जी चोट लगने के दावे को खारिज किया है.

नीचे भ्रामक पोस्ट में शेयर की जा रही तस्वीरों (बाएं) और मधुरिमा कुंडू द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीरों (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट में शेयर की जा रही तस्वीरों (बाएं) और मधुरिमा कुंडू द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीरों (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

कुंडू ने 13 अप्रैल को AFP को बताया कि वायरल तस्वीरों में नीली कुर्ती में दिख रही छात्रा वही हैं.

उन्होंने कहा, "हम अपने खाने के अधिकार को लेकर वहां प्रदर्शन कर रहे थे तभी अचानक ABVP के लोगों ने हम पर हमला कर दिया. मैं अचानक बेहोश हो गई जबकि अख्तरिस्ता को सिर में गंभीर चोट लग गई थी."

AIIMS के डॉक्टर आबिद नेहवी, जिन्होंने अख्तरिस्ता का इलाज किया था, उन्होंने AFP को बताया कि छात्राओं का इलाज 10 अप्रैल को किया गया था और उन्हें 11 अप्रैल को चिकित्सालय से डिस्चार्ज कर दिया गया था. नेहवी ने कहा, "इन्हे रात में अस्पताल लाया गया था जब इनके सिर में चोट लगने के कारण भयंकर खून बह रहा था. हमने इनके तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया जहां उन्हें चार टांके लगे थे."

नेहवी ने आगे कहा कि कुंडू को जब लाया गया तब वो बहुत कमज़ोर महसूस कर रही थीं. उन्हें थोड़ा ग्लूकोज और कुछ साधारण इलाज दिया गया जिससे उनकी हालत में सुधार हुआ.

सोशल मीडिया पर घायल छात्राओं को जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं वो यूनिवर्सिटी की ही एक छात्रा डोलन सामंता ने क्लिक की थीं. उन्होंने AFP को तस्वीरों के मेटाडेटा का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है.

मेटाडेटा के अनुसार जिस तस्वीर में अंसारी के सिर से खून बह रहा है, वो दूसरी तस्वीर जिसमें मधुरिमा बेहोशी के कारण लेटी दिख रही है, उससे बिल्कुल 6 मिनट पहले क्लिक की गई है. न कि पहले पहले क्लिक की गई है जैसा भ्रामक पोस्ट में दावा किया जा रहा है.

( Uzair RIZVI)