ये तस्वीर 2019 में गुजरात में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ की है

कॉपीराइट AFP 2017-2022. सर्वाधिकार सुरक्षित.

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर इस दावे के साथ हज़ारों बार शेयर की गयी कि दिल्ली के जहांगीरपुरी में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगो ने एक पुलिसकर्मी को घेरकर पीटा. हालांकि तस्वीर को भ्रामक संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है; तस्वीर 2019 में गुजरात में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच हुई झड़प से संबंधित कई रिपोर्ट्स में प्रकाशित हो चुकी है.

तस्वीर को यहां ट्विटर पर 17 अप्रैल, 2022 को शेयर किया गया है.

ट्वीट के कैप्शन में लिखा है, "ये स्थिति है दिल्ली में पुलिस का, सोचो आम हिंदू का क्या होगा,"

तस्वीर में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहने सड़क में गिरा हुआ दिखाई दे रहा है जिसके आस पास लोग हाथ में डंडे और पत्थर लेकर उसे मारते हुए दिखाई दे रहे हैं.

भ्रामक पोस्ट का 27 अप्रैल, 2022 को लिया गया स्क्रीनशॉट

तस्वीर को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां, यहां शेयर किया गया है.

अंग्रेजी के अख़बार द स्टेट्समैन ने भी जहांगीरपुरी में हिंसा से जुड़ी अपनी एक रिपोर्ट में इस तस्वीर को प्रकाशित करके ट्वीट किया है.

हालांकि तस्वीर को भ्रामक संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.

तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि इसे यहां टाइम्स ऑफ इंडिया के 20 दिसंबर, 2019, के एक आर्टिकल में प्रकाशित किया गया है.

तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है: "गुरुवार को अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाके में लोगों ने एक पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया." रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के अहमदाबाद में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष हो गया था.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया का 27 अप्रैल, 2022 को लिया गया स्क्रीनशॉट

रिपोर्ट के मुताबिक, "12 पुलिसवालों समेत लगभग 30 लोग पथराव और हिंसा की वजह से घायल हुए थे जिसमें डीसीपी, एसीपी और एक पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल था. 

नीचे भ्रामक पोस्ट में शेयर की जा रही तस्वीर (बाएं) और टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

यूट्यूब पर इससे जुड़े कुछ कीवर्ड सर्च करने पर हमें आज तक के गुजराती भाषी यूट्यूब चैनल में 21 दिसंबर, 2019 की एक वीडियो रिपोर्ट यहां मिली.

वीडियो में 41 सेकंड के टाइम स्टैम्प पर लोगों को पुलिसकर्मी पर हमला करते हुए देखा जा सकता है. वायरल तस्वीर में कोने में खड़ी दोनों महिलाएं भी इस वीडियो रिपोर्ट में हूबहू वैसे ही कपड़े पहने दिख रही हैं. वायरल पोस्ट (बाएं) और आज तक की रिपोर्ट (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना नीचे दी गई है:

रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंसा के आरोप में बाद में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था.

बिल्कुल इसी तस्वीर को कई अन्य मीडिया संस्थानों नवभारत टाइम्स और द इकोनॉमिक टाइम्स ने भी प्रकाशित किया है.