पकड़ी गयी महिला हिंदू हैं, तमंचा रखने की असली वजह की तफ्तीश जारी

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सोशल मीडिया पर एक महिला के पास से तमंचा मिलने की वीडियो को इस दावे के साथ हज़ारो बार शेयर किया गया कि वो महिला एक मुस्लिम शिक्षिका और आतंकवादी हैं. ये दावा बेबुनियाद है: महिला हिंदू है और उन्होंने पुलिस को बताया कि वो अपनी निजी सुरक्षा के लिए बंदूक रखतीं थी. पुलिस ने महिला के शिक्षिका होने के दावों को भी खारिज़ किया है. 

फ़ेसबुक पर 13 अप्रैल को यहां शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "UP: मैनपुरी में जींस में तमंचा लगाकर घूम रही एक मुस्लिम शिक्षिका को पुलिस ने दबोचा है."

वीडियो में एक पुलिस अधिकारी एक महिला की तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा बरामद करते हुए दिखाई देता है.

19 अप्रैल, 2022, को लिया गया भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि महिला मुस्लिम थी.

एक यूजर में कमेंट किया, " वह भी एक इस्लामिक आतंकवादी के रूप में सामने आई."

दूसरे ने लिखा, "ये लड़की है या मौत का एक चलता फिरता रूप? क्या चालाक दिमाग है. इसे कौन सी हूर चाहिए."

वीडियो को इसी तरह की पोस्ट में फ़ेसबुक पर यहां और ट्विटर पर यहां, यहां शेयर किया गया है.

हालांकि ये पोस्ट भ्रामक है.

कीवर्ड सर्च करने पर कई न्यूज रिपोर्ट्स में महिला की पहचान करिश्मा यादव के रूप में की गई है.

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार फिरोजाबाद पुलिस ने ठोस जानकारी मिलने के बाद 12 अप्रैल को एक महिला की तलाशी ली जिसके पास से बंदूक बरामद हुई.

महिला एक हिंदू है न कि मुस्लिम

AFP से बात करते हुए महिला ने बताया कि वो हिंदू हैं न कि मुस्लिम. इसके बाद उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया.

मैनपुरी पुलिस के एक प्रवक्ता ने भी महिला के मुस्लिम होने के दावे को खारिज किया है.

प्रवक्ता ने AFP से कहा, "महिला का नाम करिश्मा यादव है और वो एक हिंदू है न कि कोई मुस्लिम महिला."

प्रवक्ता ने कहा कि करिश्मा को उसकी गिरफ्तारी के दिन ही रिहा कर दिया गया था, और यह जांच की जा रही थी कि वो हथियार क्यों ले जा रही थी.

उन्होंने कहा, "उसने बताया कि ये हथियार उसने अपनी आत्मरक्षा और सुरक्षा के कारणों से रखा है. लेकिन हम उसकी जांच कर रहे हैं कि क्या असली कारण यही था."

पुलिस प्रवक्ता ने ये भी बताया कि करिश्मा के शिक्षिका होने का दावा एक पुलिस अधिकारी के एक बयान के बाद वायरल होने लगा जब उन्होंने करिश्मा की गिरफ्तारी के बाद मीडिया से कहा कि वह "कथित रूप से एक शिक्षिका" थी लेकिन हम इसकी जांच कर रहे हैं कि वह कौन है. 

पुलिसकर्मी ने कहा, "हम महिला से पूछताछ कर रहे हैं. कहा जा रहा कि वह एक शिक्षिका है लेकिन वह कहां पढ़ाती है इसके बारे में हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है."

मैनपुरी पुलिस के प्रवक्ता ने AFP को बताया, "हमने कभी यह दावा नहीं किया कि वो एक शिक्षिका है. हम बार बार कह रहे हैं कि वो नहीं है."

मैनपुरी पुलिस ने ट्विटर पर भी भ्रामक दावे को खारिज किया है.

भ्रामक दावे को शेयर करने वाले एक ट्वीट के जवाब में पुलिस ने लिखा, "उक्त प्रकरण में जांच उपरांत ज्ञात हुआ कि तमंचा के साथ पकड़ी गई महिला शिक्षिका नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर उसके पास तमंचा क्यों था."

April 28, 2022 Update to correct the language of the headline following a technical bug.