उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी रैली को सम्बोधित करते हुए ( AFP / SANJAY KANOJIA)

हैंडपंप से पानी पीते योगी आदित्यनाथ की तस्वीर उनके मुख्यमंत्री बनने के पहले की है

कॉपीराइट AFP 2017-2022. सर्वाधिकार सुरक्षित.

फ़ेसबुक पर एक तस्वीर इस दावे से शेयर हो रही है कि योगी आदित्यनाथ सड़क किनारे एक हैंडपंप से पानी पी रहे हैं. वायरल पोस्ट योगी आदित्यनाथ के पुनर्निर्वाचन के बाद भी उनकी सादगी और विनम्रता की तारीफ कर रहा है. लेकिन ये दावा भ्रामक है: तस्वीर 2016 में तब ली गयी थी जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं थे.

फ़ेसबुक पर यहां 9 अप्रैल को शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "बिसलेरी की बोतल मंगाकर प्यास बुझाते मुख्यमंत्री बहुत देखे होंगे, पर ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा होगा जो अपनी प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप तक पहुंच जाए."

इस पोस्ट को लगभग 10,000 बार से भी अधिक शेयर किया जा चुका है. 

25 अप्रैल, 2022, को लिया गया भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बिल्कुल इसी दावे के साथ इस तस्वीर को यहां और यहां भी शेयर किया गया है.

पोस्ट में कई ऐसे कमेंट हैं जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सादगी भरे जीवन और विनम्रता की तारीफ की जा रही है. एक व्यक्ति ने कमेंट में लिखा, "महाराज जी के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हैं ऐसे सीएम जिंदगी में पहली बार उत्तर प्रदेश को मिले हैं."

एक अन्य यूजर ने लिखा, "महराज जी चरणों में कोटि कोटि नमन करते हैं। ऐसा मुख्यमंत्री जिंदगी में पहली बार देखा."

हालांकि ये तस्वीर योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से पहले की है.

पुरानी तस्वीर

रिवर्स इमेज सर्च में हमें बिल्कुल यही तस्वीर 26 अप्रैल, 2016 को फ़ेसबुक पर शेयर की गई मिली.

पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "गोरखपुर के सांसद और भावी मुख्यमंत्री (उप्र) हिंदू हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ जी, सादगी का एक उदाहरण. फोटो साभार हरगोविंद प्रवाह जी."

हरगोविंद प्रवाह ने AFP को बताया कि उन्होंने ये तस्वीर 2016 में ली गयी थी जब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आए थे. 

साल 2017 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा सीट से 2014 में सांसद चुने गए थे.

नीचे भ्रामक पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर (बाएं) और 2016 की फ़ेसबुक पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर (बाएं) और 2016 की फ़ेसबुक पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच एक तुलना

बिल्कुल यही तस्वीर 2016 में कई अन्य फ़ेसबुक पोस्ट में यहां और यहां शेयर की गई है.

( Uzair RIZVI)