निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी के साथ बॉलीवुड ऐक्टर अक्षय कुमार (L) और मानुषी छिल्लर (C) 9 मई, 2022 को आने वाली हिंदी फ़िल्म 'पृथ्वीराज' के ट्रेलर लॉन्च पर मौजूद. ( AFP / SUJIT JAISWAL)

फ़िल्म सम्राट पृथ्वीराज से जोड़कर एबीपी न्यूज़ का फ़र्ज़ी ग्राफ़िक वायरल

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भारतीय शासक और योद्धा पृथ्वीराज चौहान पर बनी फ़िल्म को लेकर फ़ेसबुक और ट्विटर पर एबीपी न्यूज़ के एक कथित ग्राफ़िक का स्क्रीनशॉट वायरल है. इसके मुताबिक अदालत ने कहा कि पृथ्वीराज गुर्जर समाज से थे, न कि राजपूत. ये स्क्रीनशॉट फ़र्ज़ी है: असल में अदालत ने पृथ्वीराज की जाति से जुड़ी याचिका को ख़ारिज कर दिया था और वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट एडिट कर के बनाया गया है.

इंस्टाग्राम पर 3 जून, 2022 को ये ग्राफ़िक शेयर करते हुए लिखा गया, “ब्रेकिंग न्यूज़.” इस अकाउंट के 80,000 से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं.

इस ग्राफ़िक पर लिखा है, “दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा फिल्म में राजपूत नहीं दिखाया जायेगा गुर्जर थे सम्राट पृथ्वीराज चौहान.”

इस स्क्रीनशॉट पर एबीपी न्यूज़ का लोगो देखा जा सकता है.

मालूम हो कि हाल ही में बॉलीवुड फ़िल्म “सम्राट पृथ्वीराज” रिलीज़ हुई है जो भारतीय शासक पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर आधारित है.

इतिहासकारों के अनुसार राजपूत पश्चिमी भारत में राज करने वाली लड़ाकू कौम थी वहीं गुज्जर उत्तरी हिस्से में बसे खानाबदोश कबीले थे.

दिल्ली हाई कोर्ट में गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने फ़िल्म के रिलीज़ पर रोक लगाने की याचिका डालते हुए कहा था कि फ़िल्म में पृथ्वीराज को राजपूत नहीं बल्कि गुर्जर दिखाना चाहिए. दोनों ही समुदाय शासक के अपनी जाति से सम्बंधित होने के दावे करते आये हैं.

भ्रामक पोस्ट का 9 जून, 2022 को लिया गया स्क्रीनशॉट

यूज़र ने लिखा, “गर्व से कहो हम गुर्जर है. गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान. गुर्जर सम्राट मिहिरभोज.”

इससे पहले भी शासक मिहिर भोज की जाति को लेकर दोनों समुदायों में सितम्बर 2021 में तनाव का माहौल बन चूका है. उत्तर प्रदेश में मिहिर भोज की मूर्ति के लोकार्पण के समय भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी.

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों पक्षों को शांत करने के लिए कहा था कि महापुरुषों को कभी जातीय सीमाओं में कैद नहीं करना चाहिए. 

ये स्क्रीनशॉट इंस्टाग्राम पर यहां और यहां; और फ़ेसबुक पर यहां और यहां शेयर किया था.

ये दावा भ्रामक है.

अदालत ने याचिका ख़ारिज की  

दिल्ली हाई कोर्ट ने 1 जून को अपने फ़ैसले में इस याचिका को रद्द कर दिया था जिसमें फ़िल्म में पृथ्वीराज के राजपूत या गुर्जर होने का दावा किया गया था.

फ़िल्म निर्माता ने अदालत से कहा कि फ़िल्म “जाति को लेकर तठस्थ” है और इसमें “पृथ्वीराज को न ही राजपूत और न ही गुर्जर बताया गया है.”

अदालत के फ़ैसले में कहा गया, “इस बयान को देखते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि वो इस जवाब से संतुष्ट हैं इसलिए याचिका पर यहीं रोक लगाना चाहते हैं.”

इस मामले पर अन्य  मीडिया रिपोर्ट्स (यहां और यहां) में भी कहीं पृथ्वीराज के गुर्जर समुदाय से होने का दावा नहीं किया गया है जैसा कि वायरल स्क्रीनशॉट में लिखा है.

एबीपी ने भी इस ग्राफ़िक को “फ़र्ज़ी” बताते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी दी. 

चैनल ने 6 जून को फ़ेसबुक और ट्विटर पर इसे शेयर करते हुए  लिखा, “abp न्यूज़ के नाम से एक फर्जी स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है. ऐसी कोई भी खबर abp न्यूज़ पर प्रसारित नहीं की गई है.”