नोएडा में शोभायात्रा का पुराना वीडियो नुपुर शर्मा से जोड़कर वायरल

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भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगम्बर मुहम्मद के खिलाफ़ दिये गए कथित आपत्तिजनक बयान के बाद देश भर में प्रदर्शन शुरू हो गये. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो को हज़ारों बार देखा जा चुका है जिसमें सड़क पर भारी संख्या में लोग रैली निकालते हुए दिख रहे हैं. इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जम्मू में हिन्दुओं ने नुपुर शर्मा के समर्थन में रैली निकाली है. हालांकि ये वीडियो नुपुर शर्मा के बयान से पहले नोएडा, उत्तर प्रदेश में निकाले गए एक धार्मिक शोभायात्रा को दिखाता है.

वीडियो को 13 जून 2022 को फ़ेसबुक पर शेयर किया गया है.

फ़ेसबुक पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “नूपुर शर्मा के समर्थन में उतरे जम्मू के हिंदू। अब दुनिया देखेगी हिंदुओं की एकता और ताकत.”

वीडियो, जिसे 100,000 से अधिक बार देखा जा चुका है, उसमें भगवा रंग के कपड़े पहने भीड़ को रैली निकालते देखा जा सकता है.

हालांकि नुपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद जम्मू में उनके समर्थन में इस तरह की किसी रैली के बारे में कोई विश्वसनीय न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली है.

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशाॅट, जून 20, 2022.

वीडियो को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां, यहां शेयर किया गया है.

ये दावा गलत है.

धार्मिक शोभायात्रा

वायरल वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर विश्व हिंदू परिषद के फ़ेसबुक और यूट्यूब पेज पर हमें बिल्कुल यही वीडियो मिला जो नुपुर शर्मा के बयान के करीब एक महीने पहले 18 अप्रैल को पोस्ट किया गया है.

पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “नोएडा महानगर 2022 में विश्व हिंदू परिषद की हनुमान जयंती रैली.”

नीचे वायरल वीडियो (बाएँ) और विश्व हिन्दू परिषद के फ़ेसबुक पोस्ट के वीडियो (दाएँ) के स्क्रीनशाॅट के बीच एक तुलना है.

विश्व हिंदू परिषद के एक प्रवक्ता ने AFP को बताया, "यह रैली विश्व हिंदू परिषद द्वारा अप्रैल 2022 में नोएडा में हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई थी."

न्यूज 18 की एक खबर के मुताबिक अप्रैल में नोएडा में हनुमान जयंती के अवसर पर एक शोभायात्रा निकाली गई थी.

वायरल वीडियो में दिख रही इमारतें नोएडा में दादरी में रोड के समीप हैं और ये गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी से बिल्कुल मिलती हैं.

नोएडा में उसी स्थान का दौरा करने वाले AFP के एक पत्रकार ने कहा कि वायरल वीडियो में दिख रही जगह नोएडा की इस लोकेशन से बिल्कुल मेल खाती है.

नीचे जम्मू से होने का गलत दावा करने वाले वीडियो का स्क्रीनशॉट (बाएं) और AFP के पत्रकार द्वारा नोएडा में ली गई एक तस्वीर (दाएँ) की एक तुलना है.