क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति को अनदेखा किया? नहीं, वायरल वीडियो क्लिप किया गया है

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एक वीडियो को शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के विदाई समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अनदेखा करते हुए उनका अपमान किया. ये दावा भ्रामक है: पूरा वीडियो देखने पर पता चलता है कि मोदी पहले राष्ट्रपति का अभिवादन करते हैं, उसके बाद उनकी नज़र कैमरे की ओर चली जाती है.

फ़ेसबुक पर छः सेकंड की ये क्लिप कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी ललन कुमार ने 24 जुलाई को यहां शेयर की.

ये वीडियो अब तक 129,000 बार देखा जा चुका है. इसमें राम नाथ कोविंद पीएम मोदी का अभिवादन करते दिख रहे हैं लेकिन पीएम मोदी की नज़र उनके बजाय कैमरा और पत्रकारों की तरफ़ है. 

इस पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा है, “कैमरा जीवी और फोटो जीवी के दिल में दलित-पिछड़ों के लिए सम्मान देखिए सीधे मुंह नमस्कार भी नहीं करते.”

कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई, 2022 को समाप्त हुआ था. वो दलित समुदाय से आने वाले भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे.

भ्रामक पोस्ट का 28 जुलाई, 2022 को लिया गया स्क्रीनशॉट

ये वीडियो पूर्व राष्ट्रपति के विदाई समारोह के आयोजन के बाद शेयर किया जाने लगा. मीडिया ने इस कार्यक्रम पर यहां और यहां रिपोर्ट किया है. 

उनके बाद द्रौपदी मुर्मू देश की नई राष्ट्रपति के तौर पर चयनित की गयी हैं जो इस पद पर आने वाली दूसरी महिला और आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली व्यक्ति हैं. 

ये वीडियो आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी ग़लत सन्दर्भ में ट्वीट किया जिसे  316,000 से ज़्यादा बार देखा गया. 

इसे और भी लोगों ने फ़ेसबुक पर यहां और यहां; और ट्विटर पर यहां और यहां शेयर किया. 

आपको बता दें कि ये वीडियो ग़लत सन्दर्भ में शेयर किया जा रहा है.

नीचे संसद टीवी के वीडियो के स्क्रीनशॉट में ये साफ़ दिख रहा है.

संसद टीवी के वीडियो का स्क्रीनशॉट

दोनों नेताओं का हाथ जोड़कर एक-दूसरे की ओर देखने वाला ये विज़ुअल पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल के वीडियो में भी दिखता है जिसे 23 जुलाई, 2022 को अपलोड किया गया था. 

इसका टाइटल है, “पीएम मोदी ने संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति कोविंद के विदाई समारोह में शिरकत की.”

भाजपा ने वीडियो शेयर करने वाले विपक्षी नेताओं पर फ़र्ज़ी दावा करने का आरोप लगाते हुए उन्हें “फ़ेक न्यूज़ पेडलर्स” कहा.