बाढ़ में डूब रहे बच्चे को बचाने का ये वीडियो असल में कहाँ से है?

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एक वीडियो को सोशल मीडिया पर हज़ारों बार शेयर किया गया है जिसमें एक लड़का नदी में डूबता हुआ दिखाई देता है जिसे नाव में सवार कुछ लोग बचा रहे हैं. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह चंबल नदी की बाढ़ में डूब रहे एक बच्चे के बचाव कार्य को दिखाता है. हालांकि ये दावा गलत है, ये वीडियो वास्तव में बांग्लादेश का है और अगस्त 2021 से ही कई ऑनलाइन पोस्ट में शेयर किया गया है.

ट्विटर पर 25 अगस्त को शेयर किये गये ट्वीट के कैप्शन में लिखा है; “यह बिल्कुल एक फ़िल्मी सीन की तरह है. यह बच्चा चंबल नदी में डूब रहा था. उसके पीछे मगरमच्छ थे. बचाव दल समय पर पहुंच गया और लड़के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. सलाम! जय हिंद.”

वीडियो को लगभग 100,000 से अधिक बार देखा गया जिसमें एक लड़का पानी में डूबता नज़र आता है और बचाव के लिए काफ़ी संघर्ष करता हुआ दिख रहा है. तभी नाव में सवार कुछ लोग उसे बचाकर नाव पर बिठा लेते हैं.

गलत दावे से शेयर की जा रही पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 29 अगस्त 2022

इस वीडियो क्लिप को कई मीडिया रिपोर्ट्स और फ़ेसबुक और ट्विटर पोस्ट पर 'भयंकर बाढ़ का वीडियो' बताकर शेयर किया गया है. कई मीडिया आउटलेट्स ने अगस्त में इस फ़ुटेज को यहां, यहां और यहां, शेयर किया है जिसमें इसकी लोकेशन का कोई ज़िक्र नहीं है.

हालांकि, यह क्लिप 2021 में बांग्लादेश में बाढ़ के दौरान की है.

 बांग्लादेश का वीडियो   

गूगल पर कीवर्ड्स के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें 30 अगस्त, 2021 की एक फ़ेसबुक पोस्ट में इस वीडियो का एक लंबा संस्करण मिला, जिसमें लिखा था कि ये वीडियो बांग्लादेश के चांदपुर ज़िले से बाढ़ में बचाए गए एक लड़के को दिखाता है.

फ़ेसबुक पोस्ट के बाँग्ला कैप्शन में लिखा है, "चांदपुर के मुहाना में एक चक्रवात की बाढ़ में फंसे एक बच्चे को निश्चित ही मौत से बचा लिया गया है."

गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट (ऊपर) और 2021 की एक फ़ेसबुक पोस्ट (नीचे) के वीडियो की तुलना का स्क्रीनशॉट नीचे देखें.

ढाका में AFP के एक पत्रकार ने कहा कि वीडियो में लोग बांग्लादेश की आधिकारिक भाषा बंगाली बोलते हुए सुनाई दे रहे हैं.

एक आदमी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "उसे उठाओ, उसे उठाओ", जबकि दूसरा कहता है: "देखो चांदपुर मुहाना कितना खतरनाक है.”

वीडियो फ़ुटेज को 27 अगस्त, 2021 से पहले भी यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसमें यह भी कहा गया था कि यह रेस्क्यू चांदपुर में हुआ था.

स्थानीय मीडिया ने यहां और यहां बाढ़ में फंसे लड़के के बचाव की सूचना दी. रिपोर्ट में कहीं भी मगरमच्छ का ज़िक्र नहीं किया गया है.