छत्तीसगढ़ में मूर्ति विसर्जन के दौरान दो गुटों की लड़ाई का वीडियो सांप्रदायिक दावे से वायरल

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो हज़ारों बार देखा गया है जिसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हिन्दुओं पर हिंसक हमले को दिखाता है. पोस्ट पर कुछ यूज़र्स के कमेंट्स से प्रतीत होता है कि उनका मानना है ये हमला मुसलमानों ने किया था. हालांकि, स्थानीय लोगों और पुलिस ने AFP को बताया कि ये झड़प हिंदू समुदाय के ही दो पक्षों के बीच हुई थी और घटना में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं था.

फ़ेसबुक पर लगभग 59-सेकंड की इस क्लिप को 8 अक्टूबर, 2022 को शेयर किए जाने के बाद 1,900 से अधिक बार देखा जा चुका है.

वीडियो में दिखाया गया है कि लोग एक ट्रक पर लाठियों से हमला कर रहे हैं और कई लोग उस पर पत्थर भी फेंक रहे हैं. वीडियो में एक अन्य समूह को एक दूसरे ट्रक की विंडस्क्रीन को तोड़ते हुए भी दिखाया गया है, जिसमें देवी दुर्गा की प्रतिमा रखी हुई है.

पोस्ट के कैप्शन में दावा किया गया है कि वीडियो में बिलासपुर शहर में हिंदुओं पर "तलवारों, लाठी, पत्थरों और रॉड" से हमला किया जा रहा है.

कैप्शन में लिखा है, "एक हिंदू को अपने ही देश में त्योहार मनाने के लिए कब तक पीटा जाएगा?"

गलत दावे से शेयर की जा रही फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

हालांकि पोस्ट के साथ किये जा रहे दावे में किसी समुदाय विशेष का नाम नहीं लिया गया है, पोस्ट पर कुछ यूज़र्स के कमेंट्स से लगता है कि इस घटना का ज़िम्मेदार मुस्लिम समाज के लोगों को ठहराया जा रहा है.

एक यूज़र ने कमेंट में लिखा है; "जब जिहादी हिंदुओं पर हमला कर रहे थे, तो इन लोगों को भी जवाबी हिंसा करनी चाहिए, आखिर क्या कानून सिर्फ हिंदुओं पर लागू होता है?"

एक अन्य ने लिखा; "बिलासपुर में हिंदुओं के पास बंदूकें या कोई अन्य हथियार नहीं थे? इन सुअर जिहादियों को गोली क्यों नहीं मारते?"

वीडियो क्लिप को फ़ेसबुक और ट्विटर पर इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया है.

हालांकि पुलिस के एक प्रवक्ता और एक स्थानीय पत्रकार ने AFP को बताया कि ये झड़प हिंदू समुदाय के ही दो समूहों के बीच हुई थी.

हिंदू समुदाय के दो गुटों में संघर्ष

हमने वायरल वीडियो में दिख रही दुकानों में से एक दुकान से संपर्क किया जिसके एक कर्मचारी भानु ने AFP को बताया कि इस हिंसा में शामिल दोनों समूह हिंदू समुदाय से थे जो विसर्जन के लिये साथ साथ जा रहे थे.

भानु ने AFP को बताया, "यह घटना हमारी दुकान के सामने हुई थी लेकिन उस दिन दुकान बंद थी. घटना में शामिल दोनों पक्ष हिंदू समुदाय से हैं और इसमें कोई सांप्रदायिक कोण नहीं है."

बिलासपुर में एक लोकल पोर्टल YWN समाचार के लिए इस घटना को कवर करने वाले एक रिपोर्टर मनमोहन पात्रे ने भी AFP को बताया कि हिंदुओं के ही दो समूहों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हुई थी.

पात्रे ने कहा, ''उस दिन मां दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन के लिए दो कमेटी के लोग एक ही सड़क पर जा रहे थे और वाहनों को ओवरटेक करने को लेकर झड़प हुई जो बाद में हिंसक हो गई.''

बिलासपुर पुलिस के प्रवक्ता रमेश साहू ने AFP को बताया कि यह हिंदू समुदाय के ही दो समूहों के बीच संघर्ष था इसमें कोई साम्प्रदायिक वजह नहीं थी.

साहू ने कहा, "घटना के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया और इलाके में शांति बहाल कर दी गई."

गूगल पर की-वर्ड्स सर्च करने पर स्थानीय आउटलेट्स में झड़प की खबरें यहां और यहां मिलीं.

रिपोर्टों में एक अन्य पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है कि यह विवाद विसर्जन के लिये जा रहे दो समूहों के बीच था जो एक दूसरे से आगे निकलकर पहले विसर्जन करना चाह रहे थे.”