सीरिया में 2013 में लोगों की सामूहिक हत्या का वीडियो गलत दावे से टर्की का बताकर शेयर किया गया

सीरिया में कई लोगों को मौत के घाट उतारने का एक विचलित कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सैकड़ों बार शेयर किया गया है जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह फ़रवरी 2023 में देश में आए विनाशकारी भूकंप के बाद टर्की में भ्रष्ट बिल्डरों के एक समूह की सरकार द्वारा हत्या को दिखाता है. दावे के अनुसार उन्हें इसलिये मारा गया क्योंकि उन्होंने इमारतों में भूकंपरोधी सुरक्षा उपकरण नहीं लगाये थे. द गार्डियन अखबार के अनुसार यह फ़ुटेज वास्तव में सीरिया के गृह युद्ध के दौरान 2013 में एक नरसंहार को दिखाती है.

चेतावनी: विचलित कर देने वाले दृश्य

वीडियो को फ़ेसबुक पर 1 अप्रैल 2023 को शेयर किया गया है.

पोस्ट का कैप्शन है, “तुर्की में सरकार ने उन सभी ठेकदारों को गोली से उड़ा दिया जिन्होंने बिल्डिंग बनाते समय मानकों की अनदेखी की थी,उनको सरकार ने बिल्डिंग की नीव में भूकंप रोधी तकनीक (सिस्मिक डंपर) अपनाने के लिए भुगतान किए थे लेकिन उसकी जगह ठेकेदारों ने कार टायर्स इस्तेमाल किए,सरकार ने कार्यवाही करते हुए सभी ठेकेदारों को उन्ही टायरों में डालकर उनके शरीर कोआग लगा दी भ्रष्टाचार ऐसे खत्म होता है.”

लगभग 4 मिनट 35 सेकेंड के इस वीडियो को 400 से अधिक बार देखा गया है जिसमें आर्मी की ड्रेस पहने व्यक्ति कई लोगों की आँखों पर पट्टी बांधकर उन्हें गोली मारकर एक गढ्ढे में गिराते हुए दिखाई देते हैं.

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 6 अप्रैल 2023

वीडियो को इसी दावे से फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां शेयर किया गया है.

एएफ़पी ने इससे पहले स्पैनिश भाषा में किये गए दावे के साथ शेयर किये जा रहे इस वीडियो को यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.

टर्की के अधिकारियों ने 6 फ़रवरी को टर्की सहित दक्षिण-पूर्वी पड़ोसी देश सीरिया में आए 7.8-तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद देश के निर्माण और विकास व्यवसाय से जुड़ी जांच शुरू की और कई गिरफ्तारियों की घोषणा भी की.

इस भयानक भूकंप में 55,000 से अधिक लोग मारे गए.

टर्की की मीडिया -- जिनमें से अधिकांश सरकार के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण में हैं -- के अनुसार इमारतों के निर्माण में डेवलपर्स ने घटिया सामग्री का उपयोग किया था और निर्माण में ज़रूरी दिशा निर्देशों का पालन करने में विफ़ल रहें. हालांकि इसके बाद अनुमान लगाए जाने लगे कि अधिकारीयों को विपदा का दोष मढ़ने के लिए बलि के बकरे कि तलाश है.

मगर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो 2013 में सीरिया में फ़िल्माया गया था.

सीरिया में नरसंहार

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर एक जापानी ब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म पर 1 मई, 2022 के एक ब्लॉग पोस्ट में हमें इस वीडियो के स्क्रीनशॉट अपलोड किये हुए मिले.

ब्लॉग की जापानी-भाषा की हेडलाइन में लिखा है, "सीरियाई नरसंहार 2013: असद शासन पक्ष से एक नए सामूहिक नरसंहार वीडियो की कहानी जो अभी सामने आई है.”

सीरिया में 2011 से एक हिंसक और जटिल गृहयुद्ध जारी है जब वहां अरब स्प्रिंग विद्रोह के दौरान लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों का क्रूरता से दमन किया गया था. इस संघर्ष में लगभग 500,000 से अधिक लोगों के मरने और लाखों लोगों के विस्थापित होने का दावा किया गया है.

बाद में कीवर्ड सर्च में ब्रिटिश समाचार पत्र द गार्डियन में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए तुर्की समाचार एजेंसी अनादोलू का 28 अप्रैल, 2022 का एक आर्टिकल हमें मिला.

द गार्डियन में 26 अप्रैल, 2022 को प्रकाशित आर्टिकल की हेडलाइन में लिखा है, "तादामोन में नरसंहार: कैसे दो शिक्षाविदों ने एक सीरियाई युद्ध अपराधी को खोज निकाला.”

इस रिपोर्ट में नरसंहार के कई स्क्रीनशॉट और क्लिप हैं.

नीचे गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बाएं) और द गार्डियन आर्टिकल के वीडियो (दायें) के स्क्रीनशॉट की तुलना दी गई है.

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द गार्डियन के अनुसार यह वीडियो 16 अप्रैल, 2013 को दमिश्क उपनगर के तादामोन में एक नरसंहार को दिखाता है.

रिपोर्ट के अनुसार इस फ़ुटेज को 2019 में लॉयलिस्ट सीरियन मिलिशिया में बहाल हुए एक नए रिक्रूट ने तब खोज निकाला था जब उसे एक लैपटॉप सौंपा गया था जो कभी राष्ट्रपति बशर अल-असद की सुरक्षा इकाइयों में से एक यूनिट का था.

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