ट्रेन के अंदर पानी से बचने के लिये छाता पकड़े ड्राइवर का वीडियो केरला से नहीं है

  • यह आर्टिकल एक साल से अधिक पुराना है.
  • प्रकाशित 9 मई 2023, 16h20
  • 3 मिनट
  • द्वारा Uzair RIZVI, एफप भारत
  • अनुवाद और अनुकूलन Devesh MISHRA
ट्रेन की छत से टपक रहे पानी से बचने के लिये छाता पकड़े हुए ट्रेन चालक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सैकड़ों बार शेयर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केरला में अप्रैल 2023 में उद्घाटन की गई एक ट्रेन में ली गई तस्वीर है. हालांकि तस्वीर कम से कम 2017 से आनलाइन शेयर हो रही है.

वीडियो को ट्विटर पर यहां 26 अप्रैल को पोस्ट किया गया है, जिसे 800 से अधिक रीट्वीट मिले हैं.

ट्वीट के कैप्शन में लिखा है, “प्रिय @narendramodi कृपया चीज़ें बनाना बंद करें. स्पष्ट रूप से आप कुछ भी ठीक करने में पूरी तरह से अक्षम हैं. केरला में वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के पहले दिन ट्रेन की छत से बारिश का पानी रिसना शुरू हो गया. एक तस्वीर एक हज़ार शब्दों के बराबर होती है."

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 अप्रैल को केरला में वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन किया था.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ये सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन केरला की राजधानी तिरुवनंतपुरम और कासरगोड के बीच यात्रा के समय को 12-13 घंटे से कम करके आठ घंटे कर देती है (आर्काइव लिंक).

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गलत दावे से शेयर की जा रही पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 2 मई 2023

मोदी की आलोचना करते हुए इस तस्वीर को फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां शेयर किया गया है.

हालांकि इस घटना का वीडियो भारत में फ़रवरी 2019 में पहली सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन से दो साल पहले ऑनलाइन शेयर हुआ था (आर्काइव लिंक).

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर पत्रकार सुचेता दलाल के 9 अगस्त, 2017 के एक ट्वीट में हमें ये वीडियो मिला.

ट्वीट के साथ लिखा है, "रेलवे सुरक्षा?", साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर रेल मंत्रालय को "गंभीरता दिखाने" की अपील की है.

फ़ुटेज में ड्राइवर को छाता पकड़े हुए दिखाया गया है, जबकि कैमरे से अलग एक व्यक्ति हिंदी में कहता है कि "लोकोमोटिव की छत से पानी रिस रहा है". वो आगे शिकायत करता है कि "यह वह जगह है जहां हम अपना बैग रखते हैं लेकिन पानी के कारण नहीं रख सकते".

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सुचेता दलाल के ट्वीट को दोबारा पोस्ट करने वाले एक अन्य पत्रकार को रेल मंत्रालय ने जवाब दिया और कहा कि वह इस घटना की जांच कर रहे हैं.

हालांकि यह घटना केरल राज्य में नहीं हुई थी, जैसा कि गलत दावे की पोस्ट में कहा जा रहा है.

लगभग आठ-सेकंड के टाइमस्टैंप पर यह ट्रेन जब आगे बढ़ती है तो बेरमो लिखा हुआ एक साइनबोर्ड दिखता है, जो झारखंड राज्य का एक शहर है.

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साल 2017 में इंडियन एक्सप्रेस ने इस घटना की कवरेज की थी (आर्काइव लिंक)

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