आन्ध्र प्रदेश में शराब तस्करों की गिरफ़्तारी का पुराना वीडियो कर्नाटक का बताकर शेयर किया गया

  • यह आर्टिकल एक साल से अधिक पुराना है.
  • प्रकाशित 24 मई 2023, 13h43
  • 3 मिनट
  • द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
बुर्का पहने हुए एक शख़्स का वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट में सैकड़ों बार इस गलत दावे के साथ शेयर किया गया है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने मुसलमानों को बदनाम करने के लिये बुर्का पहनकर कर्नाटक पुलिस पर पथराव किया है. हालांकि यह वीडियो कम से कम अगस्त 2020 से ऑनलाइन शेयर हो रहा है - जिसमें - पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार आंध्र प्रदेश में शराब की तस्करी से सम्बंधित गिरफ़्तारी दिखाई गई है.

ट्विटर पर 15 मई 2023 को शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “कर्नाटक में आर एस एस वाले बुर्का पहनकर पुलिस पर पत्थर फेंक रहे थे ताकि लोगो को लगे मुस्लिम हिंसा फ़ैला रहे है कर्नाटक पुलिस ने पकड़ लिया और सबके सामने पोल खोल दी. धन्यवाद कर्नाटक पुलिस.”

लगभग 27-सेकेंड के इस वीडियो को 240 से अधिक बार शेयर किया जा चुका है, जिसमें पुलिस एक शख़्स को अपना बुर्का उतारने के लिए कहती नज़र आ रही है.

बुर्का हटाने के बाद वह तीन अन्य व्यक्तियों के साथ नीचे बैठ जाता है.

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 17 मई 2023

यह क्लिप कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा को प्रचंड बहुमत से हराने के बाद से ही सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है.

वीडियो को इसी तरह के दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां शेयर किया गया है.

कर्नाटक में बुर्का पहनकर आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा पुलिस पर पत्थर फेंकने की कोई भी आधिकारिक रिपोर्ट 22 मई, 2023 तक नहीं आई है.

हालांकि इस वीडियो में लगभग तीन साल पहले आन्ध्र प्रदेश में शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ़्तार लोगों को दिखाया गया है.

शराब तस्कर

वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ईटीवी आंध्र प्रदेश के वेरिफ़ाइड यूट्यूब चैनल पर एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली (आर्काइव लिंक).

यूट्यूब पर 8 अगस्त, 2020 को प्रकाशित इस रिपोर्ट की हेडलाइन में लिखा है, "कुरनूल ज़िले में बुर्का पहनकर अवैध शराब तस्करी करने के मामले में कई गिरफ़्तार".

तेलुगु भाषा की रिपोर्ट के अनुसार चार लोगों को आंध्र प्रदेश पुलिस ने पड़ोसी राज्य तेलंगाना से अवैध रूप से शराब की तस्करी के आरोप में पंचलिंगाला चेक पोस्ट पर गिरफ़्तार किया था.

सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर किये गये वीडियो के 6-सेकंड और 23-सेकंड के टाइमस्टैंप के बीच की फ़ुटेज वीडियो रिपोर्ट से मेल खाते हैं.

नीचे गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बाएं) और ETV आंध्र प्रदेश के यूट्यूब चैनल के वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना की गई है:

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आगे और की-वर्ड सर्च करने पर वही वीडियो हमें फ़ेसबुक पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में स्थानीय समाचारों के बारे में पोस्ट करने वाले पेज "News 8" द्वारा शेयर किया गया मिला (आर्काइव लिंक).

वीडियो के तेलुगु भाषा के कैप्शन का अनुवाद इस प्रकार है; “विशेष प्रवर्तन ब्यूरो सर्किल इंस्पेक्टर (एसईबीसी) लक्ष्मी दुर्गैय्या ने भारी मात्रा में शराब जब्त की है. बुर्का पहनकर मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के प्रयासों की निंदा की जानी चाहिए. एमपीजे (शांति और न्याय के लिए आंदोलन) सरकार से ऐसे लोगों को कड़ी सजा देने की मांग करती है".

गलत दावे की पोस्ट के जवाब में कुरनूल तालुक थाने के पुलिस इंस्पेक्टर एन रामय्या ने एएफ़पी को बताया कि वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है. असल में यह 2020 में आंध्र प्रदेश-तेलंगाना सीमा पर संदिग्ध शराब तस्करी के आरोप में चार लोगों की गिरफ़्तारी दिखाता है.

रामय्या ने 15 मई को एएफ़पी से कहा, "यह एक अवैध शराब तस्करी का मामला था, जिसमें लोगों ने तेलंगाना से आंध्र प्रदेश में शराब की तस्करी की थी. उन्हें आंध्र प्रदेश पुलिस ने पंचलिंगाला चेक पोस्ट पर पकड़ा था और उनमें से एक ने बुर्का पहन रखा था, जिसका इस्तेमाल वह अवैध शराब ले जाने के लिए करता था."

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