
पुलिस बर्बरता के दावे से शेयर किया गया वीडियो दरअसल एक शॉर्ट फ़िल्म का हिस्सा है
- यह आर्टिकल एक साल से अधिक पुराना है.
- प्रकाशित 17 अगस्त 2023, 12h48
- 4 मिनट
- द्वारा Anuradha PRASAD, एफप भारत
- अनुवाद और अनुकूलन Anuradha PRASAD
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एक यूज़र ने 6 अगस्त, 2023 को X पर यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “पता नहीं ये कहां की वीडियो है लेकिन इन वाहशी पुलिस वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए हुकूमत ने इतनी नफ़रत भर दी है कि लोग हैवानियत पर उतर आए हैं.” मालूम हो X पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था.
इसे 2,000 से ज़्यादा बार शेयर किए जाने के बाद डिलीट कर दिया गया. वीडियो में लोगों का एक समूह, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने लोग भी हैं, एक व्यक्ति का नाखून उखाड़ रहे हैं.
भारत में पुलिस बर्बरता की घटनाएं आये दिन रिपोर्ट की जाती रहीं हैं. अप्रैल में कई लोगों ने एक ऑफ़िसर पर पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति के दांत तोड़ देने का आरोप लगाया था. यही नहीं, लोगों ने हिंसा और यौन शोषण करने का भी आरोप लगाया था. इस मामले पर द न्यूज़ मिनट ने रिपोर्ट किया था (आर्काइव्ड लिंक्स यहां और यहां).
यही वीडियो भ्रामक दावे के साथ फे़सबुक पर यहां और यहां; और X पर यहां शेयर किया गया है.
पोस्ट्स पर किये गए कॉमेंट्स से मालूम होता है कि लोगों ने इसे सच मान लिया है.
एक यूज़र ने लिखा, “ये पुलिस नहीं है, ये दंगाई और नफ़रत फै़लाने वाले कुत्ते हैं.”
वहीं एक दूसरे यूज़र ने कहा, “इन भेड़ियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. “
हालांकि असल में यह वीडियो एक शॉर्ट फ़िल्म का हिस्सा है.
शॉर्ट फ़िल्म का सीन
गूगल पर वीडियो के कीफ़्रेम्स का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यूट्यूब पर 31 जुलाई, 2023 को अपलोड किया हुआ एक वीडियो मिला (आर्काइव्ड लिंक).
विपिन पांडे एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन के नाम से बने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए इस वीडियो का टाइटल है – दोस्ती की सजा.
इस 11 मिनट 57 सेकंड लम्बी फ़िल्म की शुरुआत इस टेक्स्ट से होती है, “यह कहानी सत्य घटना से प्रेरित है.”
फ़िल्म में 10 मिनट 30 सेकंड पर वो हिस्सा नज़र आता है जोकि सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि इस ओरिजिनल वीडियो को दूसरे एंगल से शूट किया गया है.
नीचे भ्रामक पोस्ट वाले वीडियो के स्क्रीनशॉट (बाएं) की तुलना यूट्यूब वीडियो (दाएं) के उसी हिस्से से की गई है जहां दोनों फ़ोटो में लाल शर्ट पहने एक व्यक्ति पीड़ित के नाखून उखाड़ते नज़र आ रहा है. पुलिस की वर्दी में दिख रहे लोगों ने पीड़ित का हाथ पकड़ा हुआ है.
चेतावनी
इस बाबत और सर्च करने पर हमें विपिन पांडे के फे़सबुक पेज पर वो क्लिप मिली जो सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे से शेयर की जा रही है (आर्काइव्ड लिंक).
इस वीडियो को पोस्ट करते हुए क्रिएटर ने लिखा, “मेरा नया वीडियो जल्द आ रहा है, प्लीज़ मेरे यूट्यूब चैनल को सपोर्ट करें.”
नीचे भ्रामक पोस्ट वाले वीडियो (बाएं) और विपिन पांडे के फे़सबुक पेज पर मिले वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना देख सकते हैं.
चेतावनी

वीडियो बनाने वाले कॉन्टेंट क्रिएटर विपिन पांडे, जिसे इसमें पुलिस बर्बरता का शिकार होते दिखाया गया है, ने एएफ़पी को बताया कि ये सारे दावे बिल्कुल गलत हैं.
एएफ़पी से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने यह वीडियो मनोरंजन के लिए बनाया था, पता नहीं लोग इसे गलत दावे के साथ क्यों शेयर कर रहे हैं. मैंने क्लिप भी शेयर किया जिसमें मैंने लिखा है कि इसे मैंने बनाया है.”
“शायद मैंने बहुत अच्छी एक्टिंग की है इसलिए लोग इसे सच समझ बैठे.”
