
फ़ुटबॉल मैच के दौरान भावुक फ़ोटोग्राफ़र की तस्वीरें गलत दावे से शेयर की गईं
- यह आर्टिकल एक साल से अधिक पुराना है.
- प्रकाशित 1 फरवरी 2024, 14h01
- 3 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
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तस्वीरों को फ़ेसबुक पर यहां 22 जनवरी 2024 को शेयर किया गया है.
पोस्ट का कैप्शन है, "हे राम कैमरामेन ख़ुद को रोक नहीं पाये live प्रसारण करते हुए , आँखे भर आयी बरसों का इंतज़ार ख़त्म हुआ है जय जय श्री राम."
कोलॉज में तीन तस्वीरें रोते हुए फ़ोटोग्राफ़र को दिखाती हैं जबकि चौथी तस्वीर भगवान राम को दिखाती है.

22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही इस कोलॉज को सोशल मीडिया पर शेयर किया जाने लगा.
कोलॉज को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और X पर यहां शेयर किया गया है.
हालांकि फ़ोटोग्राफ़र की इन तस्वीरों का नवनिर्मित राम मंदिर के उद्घाटन समारोह से कोई लेना देना नहीं है. यह तस्वीरें पुरानी हैं और एएफ़पी पहले भी यहां, यहां और यहां इनसे जुड़ी गलत सूचनाओं का फ़ैक्ट-चेक कर चुका है.
फ़ुटबॉल मैच
कोलॉज को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर पहली तस्वीर 24 जनवरी, 2019 को एएफ़सी एशियन कप फ़ुटबॉल प्रतियोगिता के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर प्रकाशित मिली (आर्काइव्ड लिंक).
पोस्ट का कैप्शन है: "जुनूनी. क़तर के खिलाफ़ राउंड ऑफ़ 16 के मुकाबले के दौरान एक इराक़ी फ़ोटोग्राफ़र के लिए भावुक पल."
22 जनवरी, 2019 को क़तर ने इराक़ को 1-0 से हराने के बाद क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश किया था (आर्काइव्ड लिंक).
गलत दावे की पोस्ट की पहली तस्वीर (बाएं) और एएफ़सी एशियन कप के फ़ेसबुक पेज पर अपलोड की गई तस्वीर (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना नीचे दी गई है.

उसी फ़ोटोग्राफ़र को रोते हुए दिखाती दो अन्य तस्वीरें 23 जनवरी, 2019 को चीनी न्यूज़ वेबसाइट सिना स्पोर्ट्स द्वारा टूर्नामेंट में इराक़ के हारने के बारे में प्रकाशित एक रिपोर्ट में छपी थीं (आर्काइव्ड लिंक).
तस्वीरों का क्रेडिट ओस्पोर्ट्स फ़ोटो एजेंसी को दिया गया है. तस्वीरों के चीनी भाषा के कैप्शन में लिखा है: "2019 एशियाई कप. रोते हुए इराक़ी फ़ोटोग्राफ़र ने लोगों को बहुत भावुक कर दिया. फ़ुटबॉल आपको रुला सकता है! शाबाश हमारे फ़ोटोग्राफ़र शुई गे!"
फ़ेसबुक पर गलत दावे के साथ शेयर की गई अन्य दो तस्वीरों (बाएं) और सिना स्पोर्ट्स द्वारा प्रकाशित तस्वीरों (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना नीचे दी गई हैं.


6 फ़रवरी, 2019 को इराक़ी न्यूज़ प्रसारक सेवा अल-इराक़िया की एक रिपोर्ट में फ़ोटोग्राफ़र की पहचान मोहम्मद अल-अज़ावी के रूप में की गई है (आर्काइव्ड लिंक)
अल-इराक़िया के साथ एक इंटरव्यू में, अल-अज़ावी ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि इराक़ मैच हार गया है तो वह भावुक हो गये.
एएफ़पी ने राम मंदिर के जुड़ी अन्य गलत सूचनाओं को यहां, यहां, यहां, यहां और यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.
