जवाहर लाल नेहरू के इंटरव्यू का क्लिप्ड वीडियो गलत दावे से शेयर किया गया

कांग्रेस नेता और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का क्लिप्ड वीडियो इस गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा कि एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद स्वीकारा है कि वह भारतीय के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल नहीं रहे हैं. इंटरव्यू में नेहरू कहते हुए दिखाई देते हैं, "मैं आज़ादी के आंदोलन में किसी तरह शामिल नहीं था". हालांकि यह वीडियो क्लिप्ड है और इसके साथ किया जा रहा दावा गलत है. नेहरू खुद के बारे में नहीं बल्कि मुस्लिम लीग के नेता और पाकिस्तान की मांग उठाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना के बारे में बोल रहे थे. 

सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म X पर एक यूज़र ने 22 जून 2024 को यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "दुर्लभ वीडियो... मैं आज़ादी की लड़ाई में बिल्कुल भी शामिल नहीं था. बल्कि मैंने इसका विरोध किया था- नेहरू जी".

वीडियो के ऊपर अंग्रेज़ी भाषा में लिखे टेक्स्ट के अनुसार जवाहर लाल नेहरू के संवाद का अनुवाद है, "मैं  आज़ादी की लड़ाई में बिल्कुल भी शामिल नहीं था, वास्तव में, आपने इसका विरोध किया था. मुस्लिम लीग की शुरुआत 1911 के आसपास हुई थी, मुझे लगता है कि यह वास्तव में अंग्रेज़ों द्वारा शुरू की गई थी, उनके द्वारा प्रोत्साहित की गई थी, ताकि हमारे गुट में विभाजन पैदा किए जा सकें. वे कुछ हद तक सफ़ल हुए और अंततः विभाजन हुआ (आर्काइव्ड लिंक)."

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गलत दावे से शेयर की जा रही पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इस वीडियो को इसी तरह के दावे से फ़ेसबुक पर यहां और X पर यहां शेयर किया गया है.

हालांकि यह वीडियो क्लिप्ड है. नेहरू अपने बारे में नहीं बल्कि मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना के बारे में बोल रहे थें (आर्काइव्ड लिंक). 

क्लिप्ड वीडियो

कीफ़्रेम की मदद से गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर भारत के राष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती के यूट्यूब चैनल पर 14 मई 2019 को अपलोड किए गए इसी वीडियो का मूल व लंबा संस्करण मिला (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो का शीर्षक है, 'जवाहरलाल नेहरू का आखिरी टीवी इंटरव्यू - मई 1964'.

नीचे गलत दावे से शेयर की जा रही पोस्ट (बाएं) और यूट्यूब पर उपलब्ध मूल वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट्स की तुलना की गई है. 

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गलत दावे से शेयर की जा रही पोस्ट (बाएं) और यूट्यूब पर उपलब्ध मूल वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट्स की तुलना

वीडियो की डिस्क्रिप्शन के अनुसार, "27 मई 1964 को पंडित जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु से पहले मुमकिन तौर पर यह उनका अमेरिकी टीवी होस्ट अर्नाल्ड माइकली को दिया गया आखिरी साक्षात्कार था".   

वीडियो के 14 मिनट 34 सेकंड पर होस्ट नेहरू से पूछते हैं, "आप, मिस्टर गांधी और मिस्टर जिन्ना सभी विभाजन से पहले एक समय ब्रिटिशराज से भारत की आज़ादी की लड़ाई में शामिल थे?" 

14 मिनट 51 सेकंड पर नेहरू उत्तर देते हुए कहते हैं, "मिस्टर जिन्ना आज़ादी की लड़ाई में बिल्कुल भी शामिल नहीं थे. दरअसल, उन्होंने इसका विरोध किया था. मुस्लिम लीग की शुरुआत 1911 के आसपास हुई थी. यह वास्तव में अंग्रेज़ों द्वारा शुरू की गई थी, उनके द्वारा प्रोत्साहित की गई ताकि हमारे गुट में विभाजन पैदा हो सकें. वे कुछ हद तक सफ़ल हुए और अंततः विभाजन हुआ.''

अंग्रेज़ी में हुए इस इंटरव्यू का अनुवाद ऊपर किया गया है. 

इससे स्पष्ट होता है कि शेयर किया जा रहा वीडियो क्लिप्ड है. नेहरू अपने बारे में नहीं बल्कि मुस्लिम लीग के नेता और पाकिस्तान की मांग करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना के बारे में बोल रहे थे.

नेहरू के साथ  माइकली के इंटरव्यू का यही वीडियो नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ़ इंडिया की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है (आर्काइव्ड लिंक).

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