चीन को धमकी देते बीएलए के सदस्य का यह वीडियो पुराना है, हालिया ट्रेन हाइजैक के बाद का नहीं

मार्च में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक ट्रेन हाईजैक की घटना के बाद से एक फ़ुटेज को ऑनलाइन इस गलत दावे से शेयर किया जा रहा है कि इसमें कथित तौर पर बलोच लिबरेशन आर्मी के बंदूकधारियों को चीन के खिलाफ़ हिंसा की धमकी देते हुए दिखाया गया है. हमले का दावा करने वाले अलगाववादी समूह बीएलए ने नियमित रूप से बलूचिस्तान में बीजिंग के हितों को निशाना बनाया है, लेकिन धमकीभरा ये वीडियो मई 2019 से पहले फ़िल्माया गया है.

फ़ेसबुक पर 12 मार्च को शेयर की गई पोस्ट का कैप्शन है, "बलूच लिबरेशन आर्मी ने चीन और पाकिस्तान को एक खौफनाक चेतावनी दी है: अगर आप मरना नहीं चाहते तो बलूचिस्तान से चले जाइए. बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं है! और पाकिस्तान बलूच नहीं है."

बलोच लिबरेशन आर्मी ने 11 मार्च को दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत में रेलवे ट्रैक पर बमबारी करने और एक ट्रेन पर हमला करने की ज़िम्मेदारी ली, जिसके बाद से वीडियो शेयर किया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि घेराबंदी के परिणामस्वरूप लगभग 60 लोग मारे गए, जिनमें से आधे हमले में शामिल अलगाववादी थे (आर्काइव्ड लिंक).

बीएलए उन अलगाववादी समूहों में से एक है जो बाहरी देशों पर ईरान और अफ़गानिस्तान की सीमा से लगे इस गरीब लेकिन खनिज-समृद्ध प्रांत को लूटने का आरोप लगाता है. इसने नियमित रूप से उस क्षेत्र में चीनी नागरिकों और उनके आर्थिक हितों को निशाना बनाया है, जहां वे महत्वपूर्ण खनन और ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल थे (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 24 मार्च 2025

पाकिस्तान और चीन को धमकी देने वाले नकाबपोश बंदूकधारियों की क्लिप को इसी तरह के दावे के साथ हालिया बताकर X और फ़ेसबुक पर शेयर किया गया है.

लेकिन गूगल पर क्लिप के कीफ़्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि वीडियो का एक स्क्रीनग्रैब 19 मई, 2019 को स्थानीय आउटलेट बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट में प्रकाशित स्क्रीनशॉट से मेल खाता है  (आर्काइव्ड लिंक).

रिपोर्ट की हेडलाइन है, "बीएलए माजिद ब्रिगेड ने नया वीडियो संदेश जारी किया", जिसमें आगे यह भी कहा गया है कि बीएलए ने पाकिस्तान के दक्षिणी तट पर ग्वादर में आलीशान पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल पर हमले के बाद 25 मिनट की क्लिप जारी की.

उस समय बीएलए के प्रवक्ता ने कहा था कि होटल में आने वाले चीनी और पाकिस्तानी निवेशक इस हमले के निशाने पर थे (आर्काइव्ड लिंक).

यह होटल अरब सागर के बंदरगाह शहर ग्वादर स्थित एक पहाड़ी पर बना है, जो पहले एक छोटा मछली पकड़ने वालों का गांव हुआ करता था और अब चीन की अरबों डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना का एक हिस्सा है.

सीपीईसी का उद्देश्य पश्चिमी चीनी प्रांत शिनजियांग को ग्वादर से जोड़ना है, जिसमें बंदरगाह का विकास इस फ़्लैगशिप परियोजना का प्रमुख हिस्सा होगा (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और 2019 के वीडियो के स्क्रीनशॉट के बीच तुलना

गूगल कीवर्ड सर्च करने पर 19 मई, 2019 के वीडियो का एक आर्काइव्ड वर्जन भी मिला. होटल में हमले की रिपोर्ट्स का ज़िक्र भी इस क्लिप में किया गया है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी को ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली कि मार्च में ट्रेन हाईजैक के बाद बीएलए ने पाकिस्तान और चीन को चेतावनी देते हुए कोई फ़ुटेज जारी किया है.  

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