
पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी के हमले के दावे से शेयर किया गया ये वीडियो पुराना है
- प्रकाशित 26 मार्च 2025, 12h32
- 3 मिनट
- द्वारा Rimal FARRUKH, एफप पाकिस्तान, एफप भारत
- अनुवाद और अनुकूलन Devesh MISHRA
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सड़क पर भयानक विस्फोट दिखाता ये वीडियो 16 मार्च, 2025 को फ़ेसबुक पर शेयर किया गया था.
पोस्ट का कैप्शन है, "बलूच के क्रांतिकारी फायर मोड में है और BLA के अनुसार, आज उसने नोशकी आत्मघाती हमले में पाकिस्तानी सेना के 90 जवानों को फिदायीन हमले में मार गिराया है. बलूचिस्तान में चीनी कंपनी की माइनिंग स्वाहा."
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) पाकिस्तान के उन अलगाववादी समूहों में से एक है जो बाहरी लोगों पर इस गरीब लेकिन खनिज-समृद्ध बलूचिस्तान प्रांत को लूटने का आरोप लगाते हैं. बलूचिस्तान एक पहाड़ी क्षेत्र है, जो ईरान और अफ़गानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है (आर्काइव्ड लिंक).

इस फ़ुटेज को पाकिस्तान और भारत के सोशल मीडिया पोस्ट्स में इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया था, जिन्हें हज़ारों बार देखा जा चुका है.
बीएलए द्वारा नोशकी में हुए हमले की ज़िम्मेदारी लेने के बाद से ही इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि इसमें पांच अर्धसैनिक बल के जवान मारे गए और 35 घायल हुए हैं (आर्काइव्ड लिंक).
पुलिस अधिकारी मोहम्मद ज़फ़र ने कहा, "काफ़िले में सात बसें थीं जो तफ़्तान (ईरानी सीमा पर) जा रही थीं. नोशकी में, विस्फोटकों से लदी एक कार ने बसों में से एक को टक्कर मार दी."
बीएलए अक्सर सुरक्षा बलों या दूसरे प्रांतों के पाकिस्तानियों के ख़िलाफ़ घातक हमले करता रहा है; यह बम विस्फोट हालिया ट्रेन हाइजैक की घटना के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें दो दिनों तक चले बचाव अभियान में दर्जनों लोग मारे गए.
हालांकि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा ये वीडियो पुराना है.
तुर्बत शहर में विस्फोट
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ब्रॉडकास्टर जियो न्यूज़ द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली (आर्काइव्ड लिंक).
बलूचिस्तान के तुर्बत शहर के पास 4 जनवरी 2025 को हुए बम विस्फोट की जियो न्यूज़ की कवरेज में यह वीडियो शामिल है. इस विस्फोट की जिम्मेदारी बीएलए ने ली है.
एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार फ़्रंटियर कोर के अर्धसैनिक बलों को ले जा रही एक बस बंदरगाह शहर कराची से तुर्बत जा रही थी, जब उसे शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर पश्चिम में निशाना बनाया गया (आर्काइव्ड लिंक).
इस हमले में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित कम से कम छह लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे.

इस वीडियो को कई अन्य पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स; द न्यूज़ इंटरनेशनल और द बलूचिस्तान पोस्ट की 4 जनवरी की रिपोर्ट में भी प्रकाशित किया गया था (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
एक स्वतंत्र संस्था, सेंटर फ़ॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज़ के अनुसार, सुरक्षा बल बलूचिस्तान में दशकों से चल रहे विद्रोह से जूझ रहे हैं, लेकिन 2024 में इस प्रांत में हो रही हिंसा में वृद्धि देखी गई है (आर्काइव्ड लिंक).
स्टडी में पाया गया है कि 2024 पाकिस्तान के लिए एक दशक में सबसे घातक वर्ष था, जिसमें 2021 में काबुल में तालिबान के सत्ता में वापस आने के बाद से अफ़गानिस्तान सीमा पर हिंसा बढ़ गई थी.
