आग की दुर्घटना का ये वीडियो पाकिस्तान ट्रेन हाइजैक से सम्बंधित नहीं है
- प्रकाशित 26 मार्च 2025, 13h27
- 2 मिनट
- द्वारा Masroor GILANI, एफप पाकिस्तान, AFP India
- अनुवाद और अनुकूलन Akshita KUMARI
वीडियो को फ़ेसबुक पर 11 मार्च 2025 को शेयर किया गया जिसका कैप्शन है, "Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान मे क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी ने किया हाईजैक."
यह पोस्ट ऐसे समय सामने आया है जब बलूच अलगाववादियों ने 450 यात्रियों वाली एक ट्रेन पर हमला किया, जिसके बाद यात्रियों को छुड़ाने के लिए दो दिन तक घेराबंदी की गई. अधिकारियों ने कहा कि इसमें लगभग 60 लोग मारे गए, जिनमें से आधे उस समूह के सदस्य थे जिसने हमला किया था (आर्काइव्ड लिंक).
हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नामक अलगाववादी समूह ने ली -- जिसने अक्सर बाहरी लोगों पर अफ़गानिस्तान और ईरान की सीमा से लगे इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का आरोप लगाया है.
फ़ेसबुक और X पर भी इसी तरह के पोस्ट में सड़क किनारे खड़े लोगों को आग की बड़ी लपटों को देखने का फ़ुटेज ट्रेन हाईजैक के गलत दावे से शेयर किया गया.
हालांकि वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर 10 मार्च को कराची के गुलशन-ए-मयमार इलाके में आग लगने की वीडियो रिपोर्ट मिली जिसे पाकिस्तानी ब्रॉडकास्टर जियो न्यूज़ ने शेयर किया था. इसमें वायरल वीडियो के समान दृश्य देखे जा सकते हैं (आर्काइव्ड लिंक).
पाकिस्तान के डॉन अख़बार ने भी उसी दिन आग लगने की ख़बर दी जिसमें कहा गया कि एक भोजनालय में गैस सिलेंडर फटने से आग लग गई, जिससे इलाके की 100 से ज़्यादा दुकानें जल गई. हालांकि दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई (आर्काइव्ड लिंक).
सिंध प्रांत स्थित आपातकालीन बचाव सेवा ने भी 10 मार्च को फ़ेसबुक पर आग का एक वीडियो शेयर किया (आर्काइव्ड लिंक).
पाकिस्तानी सेना द्वारा ट्रेन हाइजैक वाली जगह के जो दृश्य दिखाए गए है, उनमें रेलवे ट्रैक के पास कोई सड़क नहीं दिखाई देती है जैसा गलत दावे से शेयर किये गए वीडियो में देखा जा सकता है (आर्काइव्ड लिंक).
सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, "घटना स्थल ऊबड़-खाबड़ इलाका है और आबादी से दूर है. सड़क ट्रेन की जगह से 21 किलोमीटर दूर है."
एएफ़पी ने ट्रेन हमले से संबंधित अन्य गलत सूचनाओं का भी फ़ैक्ट चेक किया है.
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