पाकिस्तान आर्मी हेडक्वार्टर पर हमले के दावे से शेयर किया गया वीडियो सीरिया में हुए धमाके का है

मार्च में पाकिस्तान में हुए अलगाववादी हमलों के बाद एक वीडियो गलत दावे से ऑनलाइन शेयर कर कहा गया कि पाकिस्तान की सेना के मुख्यालय पर भी बमबारी की गई है. हालांकि ऐसी किसी घटना के बारे में कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आई है और गलत दावे की पोस्ट में सीरिया में हुए एक ईंधन टैंकर विस्फोट की फ़ुटेज शेयर की गई है. 

फ़ेसबुक पर 23 मार्च को शेयर की गई पोस्ट का कैप्शन है, "पाकिस्तान: पाकिस्तानी सेना का हेडक्वार्टर पर जोरदार विस्फोट. 20 पाकिस्तानी सैनिकों जल कर राख. बूलुचिस्थान आर्मी ने किया धमाका." 

वीडियो में एक ज़ोरदार धमाके के बाद आग और धुएं का गुबार उठते और सड़क पर लोगों को भागते देखा जा सकता है.

कैप्शन में स्पष्ट रूप से बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) को हमले का ज़िम्मेदार बताया गया है, जिसने पाकिस्तान में मार्च में एक घातक ट्रेन हाइजैक और बसों के काफ़िले पर बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

बीएलए अफ़गानिस्तान और ईरान की सीमा के निकट अस्थिर बलूचिस्तान प्रांत के उन अलगाववादी समूहों में से एक है जो बाहरी लोगों पर अपने प्राकृतिक संसाधनों की लूट का आरोप लगाता रहा है (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 4 अप्रैल 2025

फ़ेसबुक और X पर भी इसी तरह के दावे से पोस्ट शेयर किये गये, जिसमें कहा गया कि पंजाब प्रांत के रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय पर बीएलए द्वारा बमबारी की गई, लेकिन 4 अप्रैल तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट इस बात की पुष्टि नहीं करती कि ऐसा कोई भी हमला हुआ था.

वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर यह 18 मार्च, 2025 को स्काई न्यूज़ अरेबिया की एक रिपोर्ट में मिला (आर्काइव्ड लिंक).

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वीडियो सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास डौमा में एक ईंधन डिपो में हुए विस्फोट का है. 

आगे कीवर्ड सर्च में इस विस्फोट से संबंधित अन्य न्यूज़ रिपोर्ट्स में इस वीडियो को शेयर किया गया है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां और यहां).

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और स्काई न्यूज़ अरेबिया के वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स ने घटना पर रिपोर्ट करते हुए कहा कि तेल टैंकर विस्फोट में दो नागरिक घायल हुए थे (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी के एक पत्रकार ने वीडियो फ़ुटेज की समीक्षा की और पाया कि क्लिप में दिखाई देने वाले एक साइनबोर्ड में अरबी भाषा में टेक्स्ट लिखा हुआ है. हालांकि, पाकिस्तान में साइनबोर्ड ज़्यादातर आधिकारिक उर्दू भाषा में लिखे होते हैं (आर्काइव्ड लिंक).

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एएफ़पी द्वारा हाइलाईट किया गया अरेबिक भाषा का बिलबोर्ड

पाकिस्तान में अलगाववादी हमले से संबंधित अन्य फ़र्ज़ी सूचनाओं को एएफ़पी ने यहां फ़ैक्ट-चेक किया है. 

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