
बांग्लादेश में आवामी लीग के ऑफ़िस में तोड़फोड़ का वीडियो गलत दावे से शेयर किया गया
- प्रकाशित 28 अप्रैल 2025, 12h40
- 3 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
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फ़ेसबुक पर 16 अप्रैल, 2025 को गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो में कई लोग एक इमारत में तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगाते दिखते हैं.
पोस्ट का कैप्शन है, "देखिए बंगाल में भाईचारे की सुंदर तस्वीर किस तरह अल्लाह के नेक बंदे काफिर हिंदू के घरों को तोड़कर, उनमें आग लगाकर, उनका सामान लूट कर. शांतिपूर्वक तरीके से वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं."

वीडियो को फ़ेसबुक और X पर इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया है.
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में वक़्फ़ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद से ही भड़के विरोध प्रदर्शनों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 118 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है (आर्काइव्ड लिंक).
भारत सरकार के अनुसार यह कानून शक्तिशाली वक़्फ़ बोर्डों को जवाबदेह बनाकर वक़्फ़ की संपत्तियों में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा.
जबकि विपक्ष का कहना है कि यह ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा देगा और मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर एक और साम्प्रदायिक हमला होगा.
हालांकि यह वीडियो पश्चिम बंगाल हिंसा से संबंधित नहीं है.
बांग्लादेश का वीडियो
वीडियो के ऊपरी बाएं कोने में बांग्लादेश स्थित समाचार आउटलेट DBC News का लोगो देखा जा सकता है. यूट्यूब में कीवर्ड सर्च करने पर हमने पाया कि वीडियो को 25 फ़रवरी, 2025 को चैनल मे प्रकाशित किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो की बांग्ला भाषा हेडलाइन है, "चपइनवाबगंज में अवामी लीग के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई."
आवामी लीग बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी है, जिन्हें अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

हमले से संबंधित अन्य रिपोर्ट्स में भी इसी तरह के दृश्य दिखाए गए हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां और यहां).
एएफ़पी ने बांग्लादेश के चपइनवाबगंज में स्थित आवामी लीग के पार्टी कार्यालय की गूगल मैप्स स्ट्रीट इमेजरी की गलत दावे की पोस्ट के वीडियो में दिख रही इमारत से तुलना की (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो के गलत दावे से शेयर होने के बाद मालदा ज़िला पुलिस ने उसे फ़र्ज़ी बताते हुए सोशल मीडिया पर गलत जानकारी शेयर करने के खिलाफ़ चेतावनी जारी की.
फ़ेसबुक पर एक बयान में पुलिस ने कहा, " फ़र्ज़ी और भड़काऊ पोस्ट करके आम जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ़ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है” (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने पहले भी यहां, यहां और यहां वक़्फ़ बिल से जुड़ी फ़र्ज़ी सूचनाओं का फ़ैक्ट-चेक किया है.
