इज्तिमा में शामिल होने जा रहे लोगों का वीडियो "अवैध बांग्लाादेशी नागरिक" के गलत दावे से वायरल

दिल्ली और ढाका के बीच संबंध हाल के दिनों में और बिगड़ गए हैं. इसकी वजह बांग्लादेश में हाल फ़िलहाल में हुई हिंसक घटनाएं हैं, जिनमें भारत के मुखर आलोचक रहे एक लोकप्रिय छात्र नेता की हत्या भी शामिल है. इसी बीच सोशल मीडिया पर असम से बांग्लादेशियों के पलायन के दावे से शेयर किया जा रहा वीडियो दरअसल एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने जा रहे मुसलमानों को दिखाता है. वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति ने एएफ़पी को बताया कि यह क्लिप असम के धुबरी ज़िले में आयोजित तीन दिवसीय ‘नॉर्थ ईस्ट इज्तिमा’ में शामिल होने जा रहे ज़ायरीनों का है.

X पर 29 दिसंबर 2025 को शेयर किये गये पोस्ट का कैप्शन है, "वीडियो असम का है. जहाँ से बांग्लादेशी अपने देश कि ओर रुख़सत हो रहे हैं. यानी पलायन कर रहे हैं. ये वही लोग हैं जो खुद को भारतीय बता कर रह रहे थे."

वीडियो में सड़क पर चलते लोगों की भीड़ दिखाई देती है. इस पर हिंदी में "धुबरी, असम" लिखा हुआ है.

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गलत दावे से शेयर की गई X पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

वीडियो को फ़ेसबुक और X पर इसी दावे से शेयर किया गया है.

पिछले कुछ समय से दिल्ली और ढाका के बीच संबंध और तनावपूर्ण हो गए हैं. ये संबंध 2024 के आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद से खराब हुए हैं; बांग्लादेश में हुई हालिया हिंसा की घटनाओं ने हालात और भी बिगाड़ दिए हैं.

बांग्लादेश पुलिस ने 28 दिसंबर को कहा कि लोकप्रिय छात्र नेता और भारत के मुखर आलोचक शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के आरोपी सीमा पार भाग गए हैं (आर्काइव्ड लिंक). 

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हत्या में भारत की भूमिका से जुड़ी "गलत खबरों" को खारिज किया है.

ईशनिंदा के आरोप में 18 दिसंबर को भीड़ द्वारा एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने भी दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने बांग्लादेश में सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

हालांकि वायरल वीडियो असम में बांग्लादेशियों के सीमा पार भागने का नहीं है.

भ्रामक दावे से शेयर किए गए वीडियो के की-फ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर इसका एक लंबा संस्करण 26 दिसंबर 2025 को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया मिला (आर्काइव्ड लिंक).

कई अन्य क्लिप्स के साथ शामिल इस वीडियो पर "इज्तिमा" लिखा हुआ है, जिससे पता चलता है कि यह फ़ुटेज एक धार्मिक आयोजन के दौरान रिकॉर्ड की गई थी.

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गलत दावे की पोस्ट (बायें) और इंस्टाग्राम वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

वीडियो पोस्ट करने वाले असम के कंटेंट क्रिएटर सोफिकुल आलम ने एएफ़पी को बताया कि उन्होंने यह वीडियो उस समय बनाया था, जब बड़ी संख्या में मुसलमान एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने जा रहे थे.

आलम ने 4 जनवरी 2026 को एएफ़पी से कहा, "मैंने यह वीडियो 21 दिसंबर को रिकॉर्ड किया था, जब लाखों मुसलमान धुबरी इज्तिमा में शामिल होने के लिए जा रहे थे."

उन्होंने कहा, "इस वीडियो को गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है. इसका बांग्लादेश से कोई संबंध नहीं है."

असम के अख़बार द सेंटिनल के अनुसार, तीन दिनों तक चलने वाला नॉर्थ ईस्ट इज्तिमा मुसलमानों का एक बड़ा धार्मिक आयोजन है जो 21 दिसंबर 2025 से असम के धुबरी ज़िले में आयोजित किया गया था.  इसमें असम, पश्चिम बंगाल और मेघालय से लाखों मुस्लिम शामिल हुए और यह कार्यक्रम वैश्विक शांति के लिए सामूहिक दुआ के साथ संपन्न हुआ (आर्काइव्ड लिंक).

इज्तिमा में शामिल होने जा रहे लोगों को दिखाते इसी तरह के वीडियो फ़ेसबुक पर भी अन्य लोगों द्वारा शेयर किए गए हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी पहले भी बांग्लादेश की ओर मुस्लिम प्रवासियों के पलायन से जुड़े गलत दावों का फ़ैक्ट-चेक कर चुका है.

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