असदुद्दीन ओवैसी का एआई-जेनरेटेड वीडियो गलत दावे से वायरल

मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया कि वो मंदिर में हनुमान आरती कर रहे हैं. हालांकि, वीडियो फ़र्ज़ी है और उस पर गूगल के एआई टूल का वॉटरमार्क है. साथ ही कई दृश्य विसंगतियों से भी पता चलता है कि इसे एआई टूल्स की मदद से बनाया गया है.

एक फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल -- जिसके 27,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं -- ने 4 दिसंबर, 2025 को वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन दिया, "15 मिनट वाले 15 मिनट तक आरती करते पाए गए, लगता है इन्हें अपने पूर्वजो का पता लग चुका हैं."

पोस्ट में शामिल 16 सेकंड के वीडियो में ओवैसी को एक हनुमान मूर्ति के सामने आरती करते हुए देखा जा सकता है.

Image
गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

हिंदू बहुल भारत में ओवैसी उन गिने-चुने मुस्लिम सांसदों में से एक हैं जिन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार आलोचना की है (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी ने पहले भी उनके खिलाफ़ लगाए गए अन्य गलत दावों को फ़ैक्ट-चेक किया है.

यह क्लिप फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X पोस्ट्स पर शेयर की गई, जहां यूज़र्स के कमेंट्स से पता चलता है कि वे वीडियो को असली मान रहे हैं.

एक यूज़र ने लिखा: "राजनीति इनसे क्या-क्या करवा देती है. हे भगवान!"

"जय श्री राम, उसे अपने पूर्वजों के बारे में पता चल गया है," एक अन्य यूज़र ने कहा.

फ़र्ज़ी फ़ुटेज

गलत दावे से शेयर की जा रही वीडियो के निचले दाएं कोने में गूगल के जेमिनी टूल के लोगो का वॉटरमार्क देखा जा सकता है, जिससे पता चलता है कि इसे गूगल एआई मॉडल का उपयोग करके बनाया गया था (आर्काइव्ड लिंक).

Image
फ़र्ज़ी वीडियो का स्क्रीनशॉट, एएफ़पी द्वारा ज़ूम किये गए जेमिनी वॉटरमार्क के साथ

वीडियो की शुरुआत में ओवैसी दाईं ओर खड़े दिखते है, जो बाईं ओर रखी मूर्ति की तरफ मुंह किए हुए हैं, लेकिन दूसरे ही फ़्रेम में कैमरे का एंगल वही रहने के बावजूद उनकी पोजीशन बदलती हुई दिखाई देती है.

वीडियो में अन्य दृश्य विसंगतियां -- भीड़ का असामान्य रूप से स्थिर रहना और बैकग्राउंड में दिख रहा गलत हिंदी टेक्स्ट --  भी इसके फ़र्ज़ी होने का संकेत देती है. 

Image
विसंगतियां दिखाती हुई फ़र्ज़ी वीडियो का स्क्रीनशॉट

ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के लीगल सेल के प्रमुख जुनैद खान ने कहा कि वीडियो फ़र्ज़ी है.

"इस तरह की फ़र्ज़ी वीडियो के लिए जिम्मेदार लोगों और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए," उन्होंने 15 दिसंबर को एएफ़पी को बताया.

एएफ़पी ने इससे पहले भी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाए गए कंटेंट को फ़ैक्ट चेक किया है.

Image

क्या कोई कंटेंट/न्यूज़/वीडियो या तस्वीर है जो आप चाहते हैं की AFP फ़ैक्ट चेक करे?

हमसे संपर्क करें