तिरुपति मंदिर प्रांगण में दिख रहा ये व्यक्ति पूर्व इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो नहीं है

विदेशी नेताओं का दर्शन के लिए दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तिरुपति-तिरुमला मंदिर में आना आम बात है. लेकिन भारतीय मीडिया द्वारा जनवरी 2026 में शेयर किया गया एक वीडियो इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो को इस हिंदू मंदिर में नहीं दिखाता है. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में एक इंडोनेशियाई हस्तरेखा विशेषज्ञ (पाम रीडर) है. नई दिल्ली स्थित इंडोनेशिया दूतावास ने भी स्पष्ट किया कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के पूर्व राष्ट्रपति ने कभी भी इस मंदिर का दौरा नहीं किया है. 

30 जनवरी 2026 को शेयर की गई एक X पोस्ट का कैप्शन है, "इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो तीर्थयात्रा के लिए आंध्र प्रदेश के तिरुमाला आए थे." 

पोस्ट के साथ एक वीडियो है, जिसमें एक व्यक्ति को मंदिर परिसर से बाहर निकलते दिखाया गया है.  

इस क्लिप पर भारतीय चैनल 'टाइम्स नाव वार्थालु' का वॉटरमार्क और लोगो है. इस चैनल ने 29 जनवरी को यही वीडियो यूट्यूब पर प्रकाशित किया था. 

वीडियो रिपोर्ट के कैप्शन में लिखा है, "इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो तिरुमला में."

एक अन्य मीडिया संस्थान ने भी इसी घटना का एक दूसरे एंगल से वीडियो शेयर किया है. 

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट, जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

मंदिर की वेबसाइट पर अन्य देशों के नेताओं की पिछली यात्राओं का उल्लेख है, जिनमें मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल और श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे शामिल हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां). 

यह वीडियो इसी तरह के दावों के साथ X, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी शेयर किया गया. 

लेकिन दिल्ली स्थित इंडोनेशियाई दूतावास ने इस दावे को खारिज कर कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति बाली का एक हस्तरेखा विशेषज्ञ (पाम रीडर) है. 

दूतावास ने 2 फ़रवरी को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर कहा कि यह दावा "तथ्यात्मक रूप से गलत" है (आर्काइव्ड लिंक). 

पोस्ट में कहा गया, "इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति श्री जोको विडोडो ने अपने कार्यकाल के दौरान या उसके बाद किसी भी समय तिरुमला के भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का दौरा नहीं किया है."

इंडोनेशियाई मीडिया ने भी बताया कि पूर्व राष्ट्रपति, जिन्हें जोकोवी के नाम से भी जाना जाता है, ने 29 जनवरी को इंडोनेशिया में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत से मुलाकात की थी. इसी दिन भारतीय मीडिया में उनके मंदिर दौरे की खबरें शेयर की गई थीं (आर्काइव्ड लिंक). 

जोकोवी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी इस मुलाकात के बारे में पोस्ट किया गया था कि यह बैठक जावा द्वीप के शहर सुराकर्ता में स्थित उनके आवास पर हुई थी (आर्काइव्ड लिंक). 

हस्तरेखा ज्योतिषी

चेहरे की पहचान करने वाले टूल PimEyes पर क्लिप के एक कीफ़्रेम से किये गए सर्च से पता चला कि वह व्यक्ति दरअसल बाली में रहने वाला हस्तरेखा विशेषज्ञ अगुस सिहमान है. उसकी वेबसाइट पर मौजूद तस्वीरें वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति से मेल खाती हैं (आर्काइव लिंक). 

उसने भारत यात्रा की तस्वीरें और वीडियो भी अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर शेयर किए हैं. इन पोस्ट में वह वही सुनहरा हेडबैंड पहने हुए और उसी सफ़ेद वस्त्रो वाले व्यक्ति के साथ देखा जा सकता है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

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गलत दावे से शेयर किये गए वीडियो में दिख रहे व्यक्ति (बाएं) और फ़ेसबुक पर शेयर की गई तस्वीर में अगुस की तुलना
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गलत दावे से शेयर किये गए वीडियो में अगुस के पास खड़े व्यक्ति (बाएं) और उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर दिख रहे उसी व्यक्ति की तुलना

एएफ़पी ने वेबसाइट पर दिए गए बाली स्थित पते पर जाकर जांच की, लेकिन घर बंद मिला. 

पड़ोसी वायन ने एएफ़पी को बताया कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अगुस ही है. उन्होंने कहा कि उसके सिर पर पहना हुआ खास सुनहरा मुकुट उनकी पहचान की अहम निशानी है. 

उन्होंने कहा, "हां, ये वही है. उसके सिर पर जो मुकुट है -- वह इस बात को और पुख़्ता करता है."

तिरुपति-तिरुमला मंदिर ने एएफ़पी के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. मंदिर की वेबसाइट पर भी पूर्व इंडोनेशियाई राष्ट्रपति के दौरे का कोई ज़िक्र नहीं है (आर्काइव्ड लिंक). 

एएफ़पी पहले भी दूसरे देशों की प्रसिद्ध हस्तियों के भारत के पवित्र स्थलों पर आने से जुड़े गलत दावों को फ़ैक्ट चेक कर चुका है.

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