बांग्लादेश का पुराना वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर वायरल

अप्रैल 2026 में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हो रहा है जिसमें भीड़ भागती हुई दिखाई देती है और पीछे से धमाकों की आवाज़ आती है. दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल में आर्मी द्वारा सत्ताधारी दल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों को खदेड़ने का दृश्य है. हालांकि, यह वीडियो बांग्लादेश की राजधानी ढाका का है, जहां फ़रवरी में एक छात्र नेता की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे.

7 अप्रैल 2026 को शेयर किए गए X पोस्ट में कहा गया, "भारतीय सेना ने ममता बनर्जी के गुंडों को खदेड़ना शुरू कर दिया है."

यह विरोधियों के उन आरोपों को  इंगित करता है कि ममता बनर्जी की पार्टी राजनीतिक हिंसा में शामिल रहती है.

पोस्ट में आगे कहा गया, "सबका हिसाब होगा."

पश्चिम बंगाल एक अहम चुनावी राज्य है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी कभी सत्ता में नहीं रही है.

राज्य में चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, वहीं मतगणना 4 मई को होगी (आर्काइव्ड लिंक).

Image
गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

यह वीडियो इसी तरह के दावों के साथ X और फ़ेसबुक पर शेयर किया गया. 

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है. इसी को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फ़रवरी में घोषणा की थी कि वह चुनाव से पहले राज्य में  अर्धसैनिक बलों की 480 कंपनियों को तैनात करेगा (आर्काइव्ड लिंक). 

हालांकि, भारतीय सेना की राज्य में तैनाती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 

एएफ़पी ने भारतीय सेना से संपर्क किया लेकिन जवाब नहीं मिला. 

बांग्लादेश में प्रदर्शन 

वायरल हो रहा वीडियो भी पश्चिम बंगाल चुनावों असंबंधित है. 

ध्यान से देखने पर पता चलता है कि क्लिप में कुछ लोग बांग्लादेश का राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए हैं या उसके निशान वाले हेडबैंड पहने हुए हैं. 

Image
एएफ़पी द्वारा हाइलाइट किए गए बांग्लादेश के ध्वज के साथ गलत दावे से शेयर किये गए वीडियो के स्क्रीनशॉट

गूगल पर वीडियो के कीफ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर इसका एक पुराना वर्ज़न  6 फ़रवरी 2026 को बांग्लादेशी मीडिया संगठन Ajker Patrika के यूट्यूब पेज पर मिला (आर्काइव्ड लिंक). 

कैप्शन बांग्ला भाषा में लिखा है, "प्रदर्शनकारी पुलिस के पीछा करने पर भाग रहे हैं."

Image
गलत दावे से शेयर की गई वीडियो (बाएं) और यूट्यूब पर 6 फ़रवरी 2026 से मौजूद वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

आगे रिवर्स इमेज सर्च में एक फ़ेसबुक पोस्ट भी मिला जिसमें समान वीडियो शेयर किया गया था और घटना की लोकेशन बांग्लादेश की राजधानी ढाका के शाहबाग इलाके की बताई गई थी (आर्काइव्ड लिंक). 

एएफ़पी ने क्लिप में दिख रहे खम्भों को गूगल मैप्स की स्ट्रीट इमेजरी से मिलाकर लोकेशन की पुष्टि की, जो शाहबाग के एक हाईवे से मेल खाती है (आर्काइव्ड लिंक). 

Image
गलत दावे से शेयर की गई वीडियो (बाएं) और गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी के स्क्रीनशॉट की तुलना, समानताएं एएफ़पी ने हाईलाइट की हैं

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस समय प्रदर्शनकारियों ने शरीफ़ उस्मान बिन हादी की हत्या के लिए न्याय की मांग के दौरान पुलिस से झड़प के बाद ढाका के शाहबाग चौराहे को जाम कर दिया था (आर्काइव्ड लिंक). 

हादी, कट्टरपंथी संगठन Inquilab Moncho के नेता थे, जिन्होंने अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई थी. 12 दिसंबर 2025 को ढाका में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. 

भारतीय चुनावों पर हमारी अन्य रिपोर्ट्स यहां देखी जा सकती हैं. 

Image

क्या कोई कंटेंट/न्यूज़/वीडियो या तस्वीर है जो आप चाहते हैं की AFP फ़ैक्ट चेक करे?

हमसे संपर्क करें