दारुल उलूम देवबंद में गणतंत्र दिवस समारोह का वीडियो गलत दावे से शेयर किया
- प्रकाशित 15 अप्रैल 2026, 13h31
- 2 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
हाल के वर्षों में अफ़गान तालिबान सरकार ने भारत के साथ अपने संबंध मज़बूत किए हैं, जबकि पाकिस्तान के साथ उनके रिश्ते बिगड़े हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा एक वीडियो, जिसमें एक भीड़ को भारतीय झंडा फहराते हुए दिखाया गया है, अफ़गानिस्तान में नहीं फ़िल्माया गया है. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने एएफ़पी को बताया कि यह क्लिप उत्तर प्रदेश के दारुल उलूम देवबंद मदरसे में गणतंत्र दिवस का जश्न मनाते छात्रों का है.
X पर 5 अप्रैल को शेयर किए गए पोस्ट का कैप्शन है, "विश्व युद्ध चल रहा है. मुस्लिम देश अफ़ग़ानिस्तान भारतीय राष्ट्रगान गा रहा है. और भारत के कन्वर्ट मोमिन ईरान-फिलिस्तीन की जय करते रहते लेकिन वंदे मातरम पर मुंह में दही जमा बैठते."
पोस्ट में शेयर किये गये वीडियो में एक भीड़ को भारतीय झंडा फहराते और राष्ट्रगान गाते हुए देखा जा सकता है.
भारत लंबे समय से अफ़गानिस्तान के साथ अपने रणनीतिक संबंध मजबूत बनाए हुए है, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ रिश्ते अभी भी तनावपूर्ण हैं (आर्काइव्ड लिंक).
भारत और तालिबान सरकार के हालिया संबंधों पर पाकिस्तान एतराज जताता रहा है. इस कड़ी में 2025 में अफ़गान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी का नई दिल्ली आना महत्वपूर्ण था (आर्काइव लिंक).
इसी बीच पाकिस्तान और काबुल के रिश्ते तेज़ी से बिगड़े हैं. अक्टूबर 2025 में दोनों देशों के बीच झड़पें बढ़कर खूनी संघर्ष में बदल गईं. पाकिस्तान ने भारत पर अफ़गानिस्तान को सैन्य मदद देने का आरोप लगाया है, जिसे नई दिल्ली ने खारिज किया था.
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी कहा कि भारत ने अफ़गान तालिबान को "उकसाया" है. वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ़ ने काबुल को "भारत का प्रॉक्सी" बताया है.
वीडियो को X और फ़ेसबुक पर भी इसी दावे से शेयर किया गया है, लेकिन यह फ़ुटेज अफ़गानिस्तान नहीं, भारत से है.
वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 26 जनवरी 2026 को पोस्ट किया गया एक वैसा ही वीडियो इंस्टाग्राम पर मिला. उसके कैप्शन में लिखा है कि यह उत्तर प्रदेश में दारुल उलूम देवबंद इस्लामिक मदरसे में गणतंत्र दिवस के जश्न को दिखाता है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करने वाले यूज़र हसनैन आलम ने 10 अप्रैल को एएफ़पी को डायरेक्ट मैसेज के ज़रिए बताया कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश में फ़िल्माया गया है.
उन्होंने कहा, "वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. मैंने इसे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन दारुल उलूम देवबंद कैंपस में शूट किया था."
गूगल मैप्स के स्ट्रीट व्यू पर दारुल उलूम की तस्वीरों से भी पता चलता है कि यह फ़ुटेज इसी मदरसे में शूट किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
भारत-अफ़गान संबंधों से जुड़े अन्य गलत दावों के एएफ़पी ने यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.
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