कंटेंट क्रिएटर का असंबंधित वीडियो पीएम नरेंद्र मोदी के दावे से वायरल

सोशल मीडिया पर एक क्लिप, जिसे हज़ारों बार देखा गया है, शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'लीक्ड वीडियो' है जिसमें वह किसी महिला से मसाज करवा रहे हैं. यह दावा गलत है. दरअसल यह वीडियो एक अप्रवासी भारतीय महिला कंटेंट क्रिएटर के पति का है, जो पंजाब में छुट्टियों के दौरान फ़ेशियल करवा रहे थे. कंटेंट क्रिएटर ने एएफ़पी को बताया कि यह क्लिप, जिसे एक पूर्व मोदी समर्थक ने रिपोस्ट किया था, "किसी भी राजनीतिक व्यक्ति से नहीं जुड़ी है".

18 अप्रैल 2026 को X पर शेयर किए गए एक वीडियो का कैप्शन है: "ब्रेकिंग: नरेंद्र मोदी की मसाज का वीडियो लीक हुआ, खबरें आ रही हैं कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पास उनके आपत्तिजनक स्थिति वाले कई वीडियो हैं." 

वीडियो में एक महिला एक व्यक्ति के चहरे की मसाज करते नज़र आ रही है.

यह वीडियो तब वायरल हुआ जब इसे जानी-मानी भारतीय कॉलमनिस्ट मधु पूर्णिमा किश्वर, जो पहले मोदी की समर्थक रही हैं, ने रिपोस्ट किया. किश्वर के खिलाफ़ वाराणसी की एक अदालत में पहले ही शिकायत दर्ज की जा चुकी थी, जिसमें उन पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए "आपत्तिजनक सामग्री" पोस्ट करने का आरोप है (आर्काइव्ड लिंक). 

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

इसी तरह के दावों के साथ यह वीडियो फ़ेसबुक और X पर शेयर किया गया. 

हालांकि क्लिप में दिख रहा व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी नहीं हैं.

गलत दावे के साथ शेयर किए गए इस वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 12 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया समान क्लिप मिला (आर्काइव्ड लिंक). 

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गलत दावे की पोस्ट का वीडियो (बायें) और इंस्टाग्राम वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

यह इंस्टाग्राम अकाउंट परदीप कौर ढिल्लों नाम की महिला कंटेंट क्रिएटर का है. उन्होंने 28 मार्च को इसी व्यक्ति का फ़ेस मसाज करवाते हुए एक और वीडियो शेयर किया था (आर्काइव्ड लिंक).   

परदीप ने एएफ़पी को बताया कि इस वीडियो के सन्दर्भ में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे गलत हैं. 

उन्होंने 23 अप्रैल को कहा, "वीडियो में दिख रहे व्यक्ति मेरे पति हैं, वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं हैं. यह वीडियो हमारे अमृतसर के एक होटल/स्पा में निजी दौरे के दौरान रिकॉर्ड किया गया था. इसका किसी भी राजनीतिक व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है.” 

इस दावे को पहले News Hour India ने भी गलत बताया. सोशल मीडिया पर इस गलत दावे के साथ वीडियो शेयर करने वाले लोगों, जिसमें किश्वर भी शामिल हैं, के खिलाफ़ पुलिस शिकायत दर्ज की गई है (आर्काइव्ड लिंक).   

राजनेता अक्सर फ़ेक न्यूज़ का निशाना बनते हैं. एएफ़पी पहले भी भारत के प्रधानमंत्री से जुड़े कई भ्रामक दावों को फ़ैक्ट चेक कर चुका है. 

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