मुंबई में आपसी विवाद का पुराना वीडियो बंगाल की चुनावी हिंसा के दावे से वायरल

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद हुई झड़पों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, लेकिन सड़क के बीच एक आदमी द्वारा दूसरे को पीटने का वीडियो इस हिंसा से नहीं जुड़ा है. यह वीडियो चुनाव से कुछ हफ़्ते पहले ही सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था और असल में मुंबई की एक घटना का है.

X पोस्ट पर 6 मई को शेयर किये गए वीडियो का कैप्शन है, "देखिए देश में क्या चल रहा है. ढाई लाख केंद्रीय सुरक्षा बल कहाँ हैं? गृहमंत्री श्री Amit Shah की भारी-भरकम सुरक्षा व्यवस्था कहाँ है? सड़कों पर All India Trinamool Congress (AITC) पर खुलेआम बर्बर हमले हो रहे हैं. आखिर क्या हो रहा है? बंगाल तिल तिल जल रहा है."

पोस्ट में शेयर किये गये वीडियो में एक आदमी भीड़भाड़ वाली सड़क के बीच दूसरे व्यक्ति को लात मारते हुए दिख रहा है. 

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गलत दावे से शेयर की गई X पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 15 साल के शासन को खत्म कर भाजपा ने रिकॉर्ड बहुमत से सरकार बनाई है जिसके बाद से यह वीडियो फ़ेसबुक और X पर ऐसे ही दावों के साथ शेयर किया जा रहा है (आर्काइव्ड लिंक).

4 मई को नतीजे आने के बाद शुरू हुई हिंसा में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई, जिनमें भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के एक करीबी सहयोगी भी शामिल थे (आर्काइव्ड लिंक).

राज्य में चुनाव के समय हिंसा का एक लंबा इतिहास रहा है इसीलिये चुनाव से पहले गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की घोषणा की थी (आर्काइव्ड लिंक).

एक पोस्ट पर कमेंट में लिखा है, "BJP के गुंडे खुलेआम मार रहे हैं, क्या प्रशासन सो रहा है?" वहीं दूसरे यूज़र ने लिखा, "आखिर ये सुरक्षा बल कहां हैं, जो BJP के गुंडे खुलेआम जो चाहे कर रहे हैं?"

लेकिन असल में यह वीडियो चुनाव से बहुत पहले महाराष्ट्र में हुई एक मारपीट का है.

वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर यही वीडियो 15 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया मिला (आर्काइव्ड लिंक).

उस पोस्ट के रोमन हिंदी कैप्शन में लिखा है, "मुंबई के अंधेरी वेस्ट के वर्सोवा इलाके से एक गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है, जहां कुछ लोगों ने एक आदमी पर हमला किया. मोहम्मद जैद शेख को तीन‑चार लोगों ने, जो रिक्शा से आए थे, पीटा."

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गलत दावे की पोस्ट (बायें) और इंस्टाग्राम वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

वर्सोवा पुलिस स्टेशन की सीनियर इंस्पेक्टर दीपशिखा वारे ने 12 मई को फोन पर एएफ़पी से कहा, "यह वीडियो महाराष्ट्र का है और इसका पश्चिम बंगाल की चुनावी हिंसा से कोई संबंध नहीं है."

उन्होंने कहा, "9 अप्रैल को कहासुनी के बाद यह मारपीट हुई थी, और पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है. पीड़ित के परिवार ने यह वीडियो सबूत के रूप में दिया था."

एक स्थानीय मराठी मीडिया रिपोर्ट में भी यह वीडियो शेयर किया गया था, जिसमें पीड़ित के माता‑पिता ने कहा, "यह 9 अप्रैल की घटना है, हमारे बेटे को आपसी विवाद में चार लोगों ने पीटा. हमें पुलिस से न्याय चाहिए (आर्काइव्ड लिंक)."

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि इस मामले में चार लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज हुआ और दो को गिरफ़्तार किया गया था.

एफ़पी ने इस जगह की पहचान मुंबई के अंधेरी इलाके के वर्सोवा क्षेत्र के रूप में की, जहां वीडियो में दिख रहे दृश्य उसी स्थान के गूगल स्ट्रीट व्यू से मेल खाते हैं (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और गूगल स्ट्रीट व्यू के स्क्रीनशॉट की तुलना जिसमें एएफ़पी द्वारा समानताओं को हाईलाइट किया गया है

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा से जुड़े अन्य गलत दावों के एएफ़पी ने यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.

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