इमरजेंसी रेस्क्यू ड्रिल का वीडियो किश्तवाड़ में आतंकी हमले के गलत दावे से शेयर किया गया
- प्रकाशित 19 मई 2026, 12h35
- 3 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर बंदूकधारियों द्वारा गोली चलाने की घटना के एक साल बाद एक मॉक ड्रिल का वीडियो सोशल मीडिया पर इस गलत दावे से शेयर किया जा रहा है कि यह अप्रैल 2026 में किश्तवाड़ में हुए एक आतंकी हमले का फ़ुटेज है. जबकि ऐसे किसी हमले की कोई आधिकारिक खबर नहीं है. यह वीडियो असल में एक अभ्यास का है, जो स्थानीय अधिकारियों ने आपात स्थिति से निपटने की तैयारी जांचने के लिए किया था. वीडियो को कई स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने प्रकाशित किया है.
इंस्टाग्राम पर 24 अप्रैल 2026 को शेयर की गई पोस्ट का कैप्शन है, "जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फिर आतंकी हमला."
वीडियो में कई आपातकालीन गाड़ियां एक घास वाले मैदान में आती दिखती हैं और राहतकर्मी घायलों को एंबुलेंस में ले जाते हुए नज़र आते हैं.
यह क्लिप फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी इसी तरह के दावे से शेयर की गई.
ज्ञात हो कि लगभग साल भर पहले पहलगाम में हुए घातक हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर हिंदू थे (आर्काइव्ड लिंक).
भारत ने 22 अप्रैल 2025 के इस हमले के लिए पाकिस्तान पर उग्रवादियों को समर्थन देने का आरोप लगाया था, जिसे पाकिस्तान ने नकार दिया. इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया और हालात इतने बिगड़ गए कि दशकों में यह सबसे गंभीर सैन्य टकराव बन गया.
भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान में कथित "आतंकी ठिकानों" पर हमला किया. इसके जवाब में पाकिस्तान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. इसके बाद चार दिन तक दोनों देशों के बीच गोलाबारी, हवाई और ड्रोन हमले होते रहे, और फिर सीज़फायर (युद्धविराम) पर सहमति बन सकी.
लेकिन जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वह अप्रैल 2026 में कश्मीर में किसी नए हमले का वीडियो नहीं है. 15 मई तक किश्तवाड़ इलाके में ऐसे किसी हमले की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है.
आपातकालीन तैयारी का अभ्यास
वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर इसका लंबा वर्ज़न मिला, जिसे 23 अप्रैल को पत्रकार कोमल सिंह मनहस के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो के कैप्शन में लिखा है: "स्थान – किश्तवाड़; सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन ने यहां एक मॉक ड्रिल (अभ्यास) किया, ताकि आपातकालीन स्थिति में तैयारी और प्रतिक्रिया की जांच की जा सके."
इसमें यह भी बताया गया कि अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों ने लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया, संचार व्यवस्था और आपातकाल में उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की.
मनहस ने 8 मई को एएफ़पी को बताया, "यह वीडियो 22 अप्रैल को किश्तवाड़ में स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए एक सुरक्षा मॉक ड्रिल का है. इसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, जिससे लोगों में डर फैल सकता है. मैं इस ड्रिल को कवर करने गई थी और मैंने ही यह वीडियो रिकॉर्ड किया था."
इस सुरक्षा अभ्यास को स्थानीय मीडिया ने भी कवर किया था और उन्होंने भी इस ड्रिल के ऐसे ही वीडियो क्लिप्स शेयर किए थे (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).
एएफ़पी ने पहले भी ऐसे ही गलत दावों का खंडन किया है, जिनमें ड्रिल के फ़ुटेज को असली घटना बताकर शेयर किया गया है.
कॉपीराइट © एएफ़पी 2017-2026. इस कंटेंट के किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत पड़ेगी. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.