सोशल मीडिया पर वायरल जॉर्जिया मेलोनी की ये क्लिप्स एआई-जेनरटेड हैं

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अप्रैल में इज़रायल के साथ एक रक्षा समझौते को निलंबित कर दिया था, लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने इज़रायल के साथ सभी समझौते समाप्त कर दिए और अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया असल में एआई जनरेटेड है. इन क्लिप्स में ऐसी कई दृश्य विसंगतियां हैं जो इनके आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से बनाए जाने के संकेत देती हैं.

सोशल मीडिया साइट X पर 24 अप्रैल, 2026 को एक वीडियो शेयर किया गया जिसका कैप्शन है, "इटली की महिला प्रधानमंत्री ने इज़राइल के साथ सभी समझौते समाप्त कर दिए!! इटली की महिला प्रधानमंत्री मौजूदा 56 इस्लामी राष्ट्राध्यक्षों से कहीं अधिक साहसी और निडर हैं."

क्लिप में मेलोनी को डेलीगेट्स से भरे एक कमरे को गुस्से में संबोधित करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद वह कागज़ों का एक बंडल फेंक कर बाहर निकल जाती हैं.

एक अन्य वीडियो 29 अप्रैल को शेयर किया गया जिसमें कथित तौर पर मेलोनी (अपने कंधों पर फ़िलिस्तीनी झंडा लपेटे हुए) और नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम स्थल पर दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में मेलोनी नेतन्याहू से हाथ मिलाने से इंकार करते हुए आगे बढ़ जाती हैं.

वीडियो पर लिखा अंग्रेज़ी टेक्स्ट कहता है: "जॉर्जिया मेलोनी नेतन्याहू को इग्नोर कर रही हैं."

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट, 12 मई 2026, जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन और AI लेबल जोड़ा गया है

क्लिप फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X पोस्ट्स में शेयर किया गया है.

गलत दावे से ये क्लिप 14 अप्रैल को मेलोनी द्वारा इटली के इज़रायल के साथ अपने रक्षा समझौते को निलंबित करने की घोषणा के बाद फैले, जिसमें सैन्य उपकरणों और प्रौद्योगिकी अनुसंधान का आदान-प्रदान शामिल था (आर्काइव्ड लिंक).

इज़रायल ने जवाब देते हुए कहा कि इस समझौते के निलंबन से "इज़रायल की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा" (आर्काइव्ड लिंक).

इटली सरकार ने आरोप लगाया है कि इज़रायली सेना ने लेबनान में इटली के संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के काफ़िले पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.

हिज़्बुल्लाह द्वारा 2 मार्च को ईरान के समर्थन में मध्य पूर्व युद्ध में शामिल होने और इज़रायल पर हमले करने के बाद इज़रायल ने लेबनान भर में हवाई हमले किए और देश के दक्षिणी हिस्से में जमीनी सैन्य कार्रवाई की (आर्काइव्ड लिंक).

लेकिन 10 मई तक, इटली द्वारा इज़रायल से सभी संबंध तोड़ने या मेलोनी के 2026 में नेतन्याहू के साथ संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भाग लेने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है.

अन्य मौजूदा समझौते

इटली के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि इटली और इज़रायल के बीच 27 समझौते ऐसे हैं जो 2026 में भी लागू रहेंगे (आर्काइव्ड लिंक).

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इटली के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट, जिसमें इटली और इज़रायल के बीच हस्ताक्षरित संधियों को दिखाया गया है

इटली ने जर्मनी के साथ मिलकर 21 अप्रैल को इज़रायल के साथ यूरोपीय संघ के सहयोग समझौते को निलंबित करने की मांगों को भी ख़ारिज कर दिया (आर्काइव्ड लिंक).

स्पेन और आयरलैंड ने लक्ज़मबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में जून 2000 के समझौते को रोकने का मुद्दा फिर से उठाया. इटली के विदेश मंत्री ताजानी ने यह कहकर इसका खंडन किया कि, "आज कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा."

एआई जेनरेटेड 

सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे दोनों वीडियो में दृश्य विसंगतिया हैं जो संकेत देती हैं कि इन्हें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है.

पहली वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से एएफ़पी द्वारा वितरित एक समान तस्वीर मिली.

इसके कैप्शन में लिखा है कि यह तस्वीर नवंबर 2023 में यूनाइटेड किंगडम द्वारा आयोजित एआई सेफ़्टी समिट के दौरान प्लेनरी सेशन में मेलोनी को दिखाता है (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और एएफ़पी की तस्वीर की स्क्रीनशॉट तुलना, जिसमें एएफपी द्वारा समान तत्वों को हाइलाइट किया गया है

ऐसा लगता है कि गलत दावे से शेयर किया गया वीडियो इस तस्वीर से एआई की सहायता से जेनेरेट किया गया है.

तस्वीर में मेलोनी ने अपनी बाईं कलाई पर लाल और हरे रंग का ब्रेसलेट पहना हुआ है, जबकि गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो में वह भूरे रंग की घड़ी पहने हुए हैं.

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और एएफ़पी की तस्वीर की स्क्रीनशॉट तुलना, जिसमें एएफ़पी द्वारा दृश्य विसंगति को उजागर किया गया है

क्लिप में जब इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी चलती हुई दिखाई देती हैं, तो उनके हाथ उनके सूट के समान रंग के हो जाते हैं.

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो का स्क्रीनशॉट, जिसमें एएफ़पी द्वारा दृश्य विसंगति को उजागर किया गया है

एएफ़पी ने DeepFake-o-Meter टूल के माध्यम से क्लिप की जांच की, और इसके तीन डिटेक्शन मॉडल संकेत देते हैं कि वीडियो संभवतः एआई द्वारा बनाया गया है (आर्काइव्ड लिंक).

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डीपफेक-ओ-मीटर के परिणाम का स्क्रीनशॉट

दूसरे वीडियो में भी कई दृश्य विसंगतियां मिलीं.

मेलोनी के स्कार्फ़ का बायां हिस्सा काला, लाल और सफ़ेद है, लेकिन जब वह दूसरी तरफ मुड़ती हैं तो यह लाल, सफ़ेद और हरे रंग में बदलता हुआ दिखता है.

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो का स्क्रीनशॉट, जिसमें एएफ़पी द्वारा दृश्य विसंगति को उजागर किया गया है

हालांकि मेलोनी के स्कार्फ़ पर लिखावट अरबी भाषा जैसी दिखती है, लेकिन मध्य पूर्व को कवर कर रहे एक अरबी भाषी एएफ़पी पत्रकार ने कहा कि यह आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस द्वारा उत्पन्न शब्द निरर्थक लगते है जिनका न कोई अनुवाद है न कोई वास्तविक अर्थ.

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फर्ज़ी वीडियो का स्क्रीनशॉट, एएफ़पी द्वारा हाइलाइट किया गया टेक्स्ट

अन्य वीडियो को भी DeepFake-o-Meter टूल से जांचा गया, और इसके छह डिटेक्शन मॉडल संकेत देते हैं कि वीडियो संभवतः एआई द्वारा बनाया गया है (आर्काइव्ड लिंक).

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डीपफेक-ओ-मीटर डिटेक्शन टूल के परिणामों का स्क्रीनशॉट

5 मई को मेलोनी ने एआई द्वारा निर्मित अपनी फर्ज़ी तस्वीरों की कड़ी निंदा करते हुए डीपफ़ेक को एक "खतरनाक उपकरण" बताया जो किसी को भी निशाना बना सकता है और नुकसान पहुंचा सकता है (आर्काइव्ड लिंक). दुनिया भर में महिला राजनेता एआई द्वारा निर्मित ऐसी डीपफ़ेक अश्लील तस्वीरों का शिकार बन रही हैं.

एएफ़पी ने इससे पहले भी इतालवी प्रधानमंत्री को निशाना बनाने वाले अन्य गलत दावों का फ़ैक्ट चेक किया है.

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