बांग्लादेश हिंसा का वीडियो पश्चिम बंगाल के दावे से शेयर किया गया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद भड़की हिंसा में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई. इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को बंगाल में चुनाव-बाद हिंसा के दावे से शेयर किया जा रहा है. हालांकि यह वीडियो पुराना और पड़ोसी देश बांग्लादेश का है, जहां 2024 में विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. 

8 मई 2026 को फ़ेसबुक पर शेयर किए गए वीडियो का कैप्शन है, "आज पश्चिम बंगाल में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. इसका जिम्मेदार कौन है?"

कैप्शन में आगे लिखा है , "बीजेपी कार्यकर्ता टीएमसी कार्यकर्ताओं को मार रहे हैं और टीएमसी कार्यकर्ता बीजेपी वालों को। जहां भी कोई मुस्लिम दिखता है, उसे गालियां दी जा रही हैं, पीटा जा रहा है और भीड़ हमला कर रही है."

37 सेकंड के वीडियो में लोग एक पुल की रेलिंग से नीचे सड़क पर जुटी भीड़ की वीडियो बनाते दिखाई देते हैं.

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर टीएमसी के 15 साल के शासन को खत्म किया. चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा में  कम से कम पांच लोगों की मौत हुई (आर्काइव्ड लिंक). 

मृतकों में पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी भी शामिल हैं. इस घटना के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए. 

यह वीडियो फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया, जबकि यह भारत का नहीं है. 

वायरल वीडियो के कीफ़्रेम्स से गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर वीडियो का 26 अप्रैल को फ़ेसबुक पर पोस्ट किया गया एक स्पष्ट संस्करण मिला जिसका कैप्शन है, "बांग्लादेश में क्या चल रहा है?" (आर्काइव्ड लिंक

वीडियो में दिख रहा है कि हाथ में डंडे लिए कुछ लोग एक व्यक्ति को निर्ममतापूर्वक पीट रहे हैं.

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गलत दावे की पोस्ट (बायें) और फ़ेसबुक वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

फ़ुटेज अपलोड करने वाले यूज़र मोहम्मद इस्माइल ने 19 मई को AFP को बताया कि यह वीडियो 2024 के उन प्रदर्शनों के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जिनके चलते बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था. 

अगस्त 2024 में बढ़ते विरोध के बीच शेख हसीना को भारत भागना पड़ा था. एक महीने से ज़्यादा चले प्रदर्शनों में कम से कम 450 लोगों की मौत हुई थी (आर्काइव्ड लिंक). 

इस्माइल ने कहा, "मैंने यह वीडियो उसी दिन दोपहर में रिकॉर्ड किया था, जब शेख हसीना ने इस्तीफ़ा दिया था. लेकिन मैंने इसे हाल ही में अपलोड किया."

उन्होंने पोस्ट के कमेंट सेक्शन में यह भी लिखा कि वीडियो ढाका के जातराबाड़ी बाज़ार इलाके में रिकॉर्ड किया गया था. 

वायरल वीडियो में दिख रही जगह गूगल स्ट्रीट व्यू पर ढाका के जातराबाड़ी इलाके से मेल खाती है (आर्काइव्ड लिंक). 

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गलत दावे से शेयर की गई वीडियो का स्क्रीनशॉट (बाएं) और गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी के स्क्रीनशॉट की तुलना, एएफ़पी द्वारा समान तत्व हाईलाइट किए गए हैं

कीवर्ड सर्च से पता चला कि इस्माइल ने 9 मई 2026 को इस वीडियो का लंबा संस्करण भी अपलोड किया था, जिसका कैप्शन है, "विजय दिवस पर ढाका" (आर्काइव्ड लिंक).

लंबे वीडियो में वह मोटरसाइकिल पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच जाते दिखता है. वीडियो के 1 मिनट 54 सेकंड पर एक व्यक्ति बांग्लादेश का झंडा लिए भी दिखाई देता है. 

एएफ़पी इससे पहले भी पश्चिम बंगाल चुनावों से जुड़े कई दावों को फ़ैक्ट चेक कर चुका है. 

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